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बांगरमऊ को तहसील बनाने की तैयारी

Unnao

Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। जिले के प्रमुख व्यावसायिक कसबे को तहसील बनाने की तैयारी प्रदेश शासन ने शुरू कर दी है। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद ने इस संबंध में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। जिला प्रशासन को एक महीने में रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। हाईकोर्ट के अधिवक्ता और समाजसेवी फारूक अहमद ने मुख्यमंत्री से बांगरमऊ में तहसील बनाने की मांग की थी।
32 लाख की आबादी वाले उन्नाव में अभी पांच तहसीलें हैं। जिले के सबसे पुराने और व्यवसायिक कस्बे बांगरमऊ को तहसील बनाने की मांग कई साल से लगातार उठाई जा रही है। लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता फारूक अहमद बांगरमऊ को तहसील बनवाने की अगुवाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 की जनगणना के बाद से ही उन्होंने यह मांग उठाई थी। अक्तूबर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती से बांगरमऊ को तहसील बनाने की मांग की थी। 2 अप्रैल 2012 को वर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यह सूचित करते हुए पत्र लिखा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में कई नए जिले और तहसीलोें का गठन किया गया लेकिन, बांगरमऊ को तहसील बनाने पर विचार नहीं किया गया। 14 मई 2012 को उन्होंने मुख्यमंत्री सहित शासन के आला अधिकारियों को एक माह में बांगरमऊ को तहसील बनाने अथवा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की नोटिस भेजी थी। इस पर आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद शैलेष कुमार सिंह, अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त ने 28 मई को जिलाधिकारी सेे पत्रांक संख्या 465/9-131/2011 के माध्यम से बांगरमऊ केा तहसील बनाए जाने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी जिलाधिकारी विवेक से इस संबंध में पूछे जाने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।

इंसेट --------------
जनसमस्या को लगातार उठा रहे हैं फारूख
उन्नाव। सामाजिक कार्यकर्ता एडवोकेट फारूक अहमद का कहना है कि सफीपुर तहसील की भौगोलिक स्थिति सही नहीं है। इस तहसील की सीमा सई नदी से शुरू हो जाती है। यह नदी बांगरमऊ से मात्र 18 किलोमीटर जबकि सफीपुर से इनकी दूरी 50 किमी से भी ज्यादा है। पंद्रह रुपये की खतौनी लेने के लिए इस क्षेत्र के किसानों को तहसील पहुंचने में करीब सौ रुपया खर्च करना पड़ता है। बताया कि वर्तमान जनगणना के मुताबिक कस्बे की जनसंख्या 2 लाख से अधिक है। इतनी जनसंख्या पर एक तहसील होना आवश्यक है। बताया कि पिछली सरकार में दो गांवों को मिला कर तहसील बनाया गया था इस आधार पर बांगरमऊ तो बहुत बड़ा और पुराना कस्बा है। तहसील बनाने के मानक क्या हैं इस पर भी उन्होंने आरटीआई के जरिए शासन से जवाब मांगा है।
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