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सहकारी समितियों में खाद का टोटा

Unnao

Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
उन्नाव। रबी सीजन में साधन सहकारी समितियों में यूरिया के लिए मारामारी है। इसके चलते केवल समितियों से जुड़े किसानों को ही खाद दी जा रही है अन्य को बैंरंग लौटाया जा रहा है। खाद न मिलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं।
जिले में इस बार 2 लाख 40 हजार 911 हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी का लक्ष्य था। पहले डीएपी न मिलने से किसान केवल 2 लाख 36 हजार 185 हेक्टेयर में ही बुआई कर पाए। कृषि विभाग के अनुसार 15 जनवरी तक दस फीसदी तक और बोवनी होगी। नवंबर में बोई गई गेहूं की फसल में पहली सिंचाई का पीक समय चल रहा है। किसान पानी देने के बाद यूरिया का छिड़काव करते हैं। इसके बाद खरपतवार नाशक का प्रयोग करते हैं। साधन सहकारी समितियों पर यूरिया केवल खाता धारक किसानों को ही दी जा रही है। इससे अन्य किसान परेशान हैं। खुले बाजार में सहकारी दुकानों और पीसीएफ के केंद्रों की अपेक्षा यूरिया के दाम अधिक हैं। इसके अलावा सहकारी समितियों और अन्य सरकारी केंद्रों पर मिलने वाली इफ्को यूरिया पर किसान ज्यादा भरोसा करते हैं। इसके चलते समितियों पर किसानों की भीड़ उमड़ती है, किंतु वहां यूरिया की कमी बताकर उन्हें लौटाया जा रहा है। सिंचाई के बाद अगर समय पर यूरिया न डाली गई तो पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।


लक्ष्य 26 हजार, आपूर्ति 22 हजार एमटी
उन्नाव। कृषि विभाग के अनुसार, जिले का यूरिया का लक्ष्य 26 015 मीट्रिक टन का है, जबकि 21 दिसंबर तक 22,147 एमटी की आपूर्ति हो चुकी है। समितियों से मिले आंकड़ों के मुताबिक 5060 एमटी यूरिया की आपूर्ति हो चुकी है। 600 मीट्रिक टन यूरिया पीसीएफ के 15 सेंटरों को भेजी गई जबकि 4460 एमटी सभी 165 पैक समितियों को आवंटित की गई है। पैक समितियों से केवल इससे जुड़े सदस्य ही यूरिया ले सकेंगे, नकद बिक्री नहीं होगी। इफको के फील्ड आफीसर एसके सिंह ने बताया कि इस महीने यूरिया की रैक नहीं आएगी। अगले माह के पहले सप्ताह में यूरिया की रैक आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यूरिया की कोई कमी नहीं है।

एक रैक खाद मंगवाई गई थी। इसे सहकारी समितियों से ज्यादा कई अन्य विभागों को दे दिया गया। जिस पर कभी बैन लगा था उस पीसीएफ को सबसे ज्यादा आवंटन कर दिया गया। इसके अलावा यूपी एग्रो को भी यूरिया दे दी गई, सहकारी समितियों को कम आवंटन किया गया। इसलिए कुछ दिक्कत हो रही है। अगले सप्ताह तक एक और रैक आ जाएगी। इसके साथ ही सभी किसानों को खाद समितियों से दी जाएगी।
-फतेहबहादुर सिंह, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक
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