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जिले को हराभरा बनाने में सरकारी विभाग पीछे

Unnao

Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
उन्नाव। जिले के अधिक से अधिक भूभाग को हरा भरा रखने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए जनवरी 2012 से चलाया जा रहा वनावरण और वृक्ष आच्छादन वृद्धि कार्यक्रम अपने लक्ष्य से कोसों दूर है। जिले में वन और अन्य 11 विभागों द्वारा 701 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाना था। वन और शिक्षा विभाग को छोड़कर कोई भी विभाग आधा लक्ष्य भी नहीं प्राप्त कर सका है।
बढ़ती आबादी और औद्योगिकीकरण के चलते जिले का वन क्षेत्र एक ओर लगातार घट रहा है वहीं प्रदूषण के कारण पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। यह स्थिति प्रदेश के अधिकतर जिलों की है। पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार ने जनवरी 2012 में पूरे प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने की रणनीति बनाई थी। इसके तहत जिले में वन विभाग सहित विकास से जुड़े 11 अन्य विभागों को 4,55,650 पौधरोपण का लक्ष्य सौंपा गया था। पौधरोपण को सफल बनाने के लिए प्रशासन के अलावा जनता को भी इसमें शामिल किया जाना तय किया गया था। इन विभागों को खाली पड़ी सरकारी भूमि पर पौधरोपण कराना था। इसके अलावा आम जनता को उनकी निजी भूमि पर पौधरोपण के लिए प्रेरित भी करना था। विधानसभा चुनाव के चलते पौधरोपण कार्यक्रम समय पर शुरू ही नहीं किया जा सका। जुलाई के प्रथम सप्ताह को वन महोत्सव सप्ताह के रूप में मनाया गया। केवल इस सप्ताह ही विभागों ने थोड़ा बहुत पौधरोपण कर लक्ष्य की खानापूरी की। सप्ताह बीतने के बाद विभागों ने पौधरोपण पर ध्यान नहीं दिया हालांकि वन विभाग अपने क्षेत्र में पौधे लगवाता रहा। जिला वन अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि उनके विभाग ने लक्ष्य पूरा कर लिया है जबकि अन्य विभागों के पूरे आंकड़े उनके पास अभी तक नहीं आए हैं।

इस तरह है दिया गया लक्ष्य
उन्नाव। जिला वृक्षारोपण समिति ने विभागोें के लिए पौधरोपण का लक्ष्य तय किया था। वन विभाग का दावा है कि उसने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है जबकि अन्य के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। जिला वृक्षारोपण समिति ने इन विभागों के लिए 650 पौधे प्रति हेक्टेयर के आधार पर रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया था जो निम्न प्रकार है।
विभाग लक्ष्य (हेक्टेयर) पौधों की संख्या
वन विभाग 451 293150
ग्राम्य विकास 181 117650
ऊर्जा 02 1300
औद्योगिक विकास 15 9750
आवास एवं शहरी नियोजन 6 3900
सिंचाई 15 9750
लोक निर्माण 12 7800
सहकारिता 02 1300
भूमि एवं जल संसाधन 09 4550
उच्च शिक्षा 04 2600
माध्यमिक शिक्षा 02 1300
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