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बगैर भेंट आगे नहीं बढ़ती साल्वेंसी की फाइल

Unnao

Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
उन्नाव। ठेकेदारी की साल्वेंसी बनवाने के लिए तहसील से कलेक्ट्रेट तक कर्मचारियों को चढ़ावा चढ़ाना पड़ता है। हालात यह हैं तहसील कर्मियों से लेकर कलेक्ट्रेट के बाबू तक बिना सुविधा शुल्क फाइल आगे नहीं बढ़ाते। आवेदक को यह कहकर चलता कर देते हैं कि फाइल में तहसील से कागज पूरे नहीं लगाए गए, जिससे आवेदक तहसील व कलेक्ट्रेट के चक्कर काटते रहते हैं।
ठेकेदारी की साल्वेंसी में आवेदक को इंतिखाफ, खसरा, हिस्सा प्रमाण पत्र, वैलुवर की रिपोर्ट, भार मुक्त प्रमाण पत्र, पैनकार्ड व जमीन का नक्शा लगाना पड़ता है। ये सब जरूरी कागजात लगे होने के बाद भी यदि आवेदक ने सुविधा शुल्क नहीं दिया तो उसकी फाइल में कई छोटी-छोटी कमियां निकालकर उसको तहसील के लिए वापस कर दी जाती है। डाक द्वारा फाइल आने पर दो दिन लग जाते हैं उस पर भी यदि सही समय से फाइल भेज दी जाए तो। यदि किसी आवेदक की पकड़ ठीक है तो उसको हाथोहाथ फाइल दे दी जाती है। सबसे खराब स्थिति तो तहसील कर्मियों की है। यह अपने प्राइवेट कर्मचारियों के बताने पर ही रिपोर्ट लगा देते हैं। सदर नायब तहसीलदार दफ्तर की हालत तो और भी खराब है। उनके यहां से जो भी फाइलें कलेक्ट्रेट को भेजी जाती हैं। उनमें तो क्वैरी लगना अनिवार्य है। क्वैरी सिर्फ उन्हीं फाइलों में नहीं लगती है, जिसमें चढ़ावा चढ़ा दिया जाता है। सबसे खास बात तो यह है नायब तहसीलदार के यहां से जो फाइल आगे बढ़ाई जाती है। उसमें तहसीलदार व एसडीएम के भी हस्ताक्षर होते हैं। उसके बाद भी फाइल में क्वैरी लगा दी जाती है। एडीएम के पास जब वह फाइल हस्ताक्षर के लिए जाती है तब क्वैरी पता चलती है। उसके बाद भी यदि क्वैरी सही करा ली जाए तो आवेदक वहां पहले आपदा प्रबंधन की रसीद कटाता है। उसके बाद यदि उसने बाबू पर चढ़ावा न चढ़ाया तो वह फाइल में किसी प्रकार की छोटी क्वैरी लगाकर वापस फाइल तहसील भेज देता है, जिससे आवेदक तहसील से कलेक्ट्रेट व कलेक्ट्रेट से तहसील के ही चक्कर काटता रहता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
जो फाइल में नायब तहसीलदार आख्या लगा देते हैं, उसी को फारवर्ड कर दिया जाता है। क्योंकि उसी में लेखपाल व संबंधित कर्मचारी अपनी आख्या लगाते हैं।
-मंसूर अहमद तहसीलदार
अभी हाल ही में साल्वेंसी की फाइलों में छ: नए बिंदु जोड़े गए हैं। उसी में जो पुरानी फाइलें हैं वही वापस आ रही हैं। फिर भी यदि कोई दिक्कत है तो उसको दिखवाया जाएगा।
--अंबरीश श्रीवास्तव एसडीएम सदर
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