आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सम्मान को ठेस लगने पर नौकरी भी छोड़ दी थी गालिब ने

Sonbhadra

Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
सोनभद्र। फैसला हो ही नहीं पाया, बहुत बातों के बाद, कौन खुलता है यहां कितनी मुलाकातों के बाद। इसी तरह के मुक्तकों और गजलों से नगर का स्वामी विवेकानंद हाल गुरुवार की रात गुलजार रहा। दिल अजीज शायर वसीम बरेलवी ने पूरी रात अपनी गजलों से शमा बांधे रखी। मौका था उर्दू के महान शायर गालिब की जयंती का।
कार्यक्रम की शुरूआत सदर विधायक अविनाश कुशवाहा और मेहमान शायद वसीम बरेलवी के शमा रोशन से हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि सदर विधायक ने मौलाना असद उल्ला सिद्दीकी (गालिब) के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गालिब साहब ने पूरी जिंदगी सम्मान के लिए गुजार दी। उन्होंने ऐसी नौकरी को भी त्याग दिया जो उनके सम्मान में ठेस पहुंचाती। इसके बाद कार्यक्रम संयोजक व मंच के संचालक विकास वर्मा एडवोकेट ने जब दिल अजीज शायर वसीम बरेलवी को मंच पर काब्यपाठ के लिए आमंत्रित किया तो मौजूद श्रोताओं ने उनका तालियों से खैरमकदम किया। बरेलवी ने मुक्तक, शेर और गजलों से शमा बांधनी शुरू की। जैसे-जैसे रात होती गई गालिब जयंती पर आयोजित मुशायरे को और भी ऊंचाई मिलती गई। उनकी रचना हो गया जैसा यहां, ऐसा कहां हो जाएगा, कतरे बोलेंगे और समुंदर बेजुबां हो जाएगा, काफी सराही गई। श्रोताओं की मांग पर वसीम साहब ने कई रचनाएं सुनाईं। बच्चों पर हो रहे जुल्म को भी उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से गंभीरता से उठाया। उनकी रचना खौफ के साए में बच्चों को अगर जीना पड़ा, बेजुबां हो जाएगा या बदजुबां हो जाएगा ने श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। श्रोताओं की मांग पर उनके द्वारा प्रस्तुत की गई रचना सभी को छोड़कर खुद पर भरोसा कर लिया मैने, वो मैं जो मरने को था जिंदा कर लिया मैने सुनाकर लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। इसी तरह से पूरी रात उन्होंने कई रचनाओं से श्रोताओं को नवाजा। वाराणसी से आए डा. जावेद अनवर की रचना मेरे वजूद के सहरा को एक गुलाब तो दे, मेरे लहू की किसी बूंद का हिसाब तो दे भी काफी सराही गई। राबर्ट्सगंज के शायर ने ये बात भूल जा दगा दिया किसने, बेखता ही किसी को सजा दिया किसने समेत कई अन्य रचनाएं सुनाईं। गालिब जयंती की अध्यक्षा साहित्यकार डा. शिवधारी शरण राय ने की। इस मौके पर जेबी सिंह एडवोकेट, नजर अहमद नजर समेत लोग मौजूद थे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

यकीन मानिए, लड़कियां खुद नही जानती अपने ये राज

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

ये है भोजपुरी सिनेमा की 'श्रीदेवी' जिसके नाम से ही चल जाती हैं फिल्में

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

टाइगर श्रॉफ और दिशा पटानी के रिश्ते में पड़ी दरार, ये लड़की है वजह!

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

वर्षों बाद 25 मई को बन रहा है ये महासंयोग, छोटी सी पूजा से हर काम होगा पूरा

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

खान भाइयों में इस वजह से हुआ झगड़ा, सलमान से नाराज हुए अरबाज

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

Most Read

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लालू परिवार पर ED का शिकंजा, मीसा भारती का चार्टर्ड अकाउंटेंट गिरफ्तार

ED arrested Misa Bharti's chartered accountant Rajesh Agarwal in money trail scam
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

PWD घोटाला: ACB ने केजरीवाल के साढ़ू के घर मारा छापा

delhi: ACB raids residence of Arvind Kejriwal's late brother-in-law
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

पत्थरबाज को जीप पर बांधकर घुमाने वाले मेजर को सम्मान

indian army honored Major Nitin
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top