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बजट न मिलने से सौ दिन के रोजगार पर संकट

Sonbhadra

Updated Tue, 25 Dec 2012 05:30 AM IST
सोनभद्र। मनरेगा मजदूरों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी योजना पर पानी फिरता दिख रहा है। योजना के तहत इस मद में बजट न मिलने से मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लेबर वर्क के लिए इस वर्ष 118 करोड़ रुपये की डिमांड सरकार से हुई थी, जिसके सापेक्ष अब तक महज 50 करोड़ रुपये ही मिल सका है। इसमें भी 23 करोड़ पुराने मद का शेष है।
जिले में मनरेगा मजदूरों के समक्ष रोजगार को लेकर संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है। केंद्र सरकार ने गांव मेें ही लोगों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा योजना शुरू की थी। ताकि लोग रोजगार की तलाश में पलायन न करें। लेकिन केंद्र की इस मंशा पर पानी फिरता प्रतीत हो रहा है। मनरेगा मजदूरों को साल भर में सौ दिन का रोजगार देने के लिए तमाम योजनाएं तैयार भी की गई हैं, लेकिन सरकार इन योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए बजट नहीं दे रही है। जिसका खामियाजा अब मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। जिला परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण अरविंद चंद जैन का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में मनरेगा के बजट में महज 50 करोड़ रुपये ही मिले हैं। इसमें से 23 करोड़ रुपये पिछले वर्ष का शेष है। इस तरह नए वर्ष के लिए महज 27 करोड़ ही मिले हैं। उन्होंने बताया कि लेबर बजट मेें इस वर्ष के लिए 118 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष केंद्र से बजट काफी धीमी गति से मिल रहा है, जिससे मजदूरों को सौ दिन का रोजगार दे पाना मुश्किल लग रहा है। धन की दिक्कत से मनरेगा का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिले में मनरेगा के कार्यों में हुई व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी के चलते जिले की काफी किरकिरी हुई थी। इस मामले में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है। जिससे काफी समय तक योजना का कार्य बंद था। अब जबकि एक बार फिर मनरेगा से कार्य को गति पहुंचाने का प्रशासनिक प्रयास हो रहा है, तो शासन स्तर से बजट न मिलने से दिक्कत बढ़ गई है।
इनसेट---
श्रमदान घोषित होंगे एडवांस में हुए कार्य
सोनभद्र। मनरेगा के तहत पूर्व में हुए कार्य में बकाए मजदूरी को लेकर नया संकट खड़ा हो गया है। परियोजना निदेशक अरविंद चंद्र जैन का कहना है कि मनरेगा में एडवांस काम का कोई शासनादेश ही नहीं है। यदि कोई यह कहता है कि मजदूरों की मजदूरी बकाया है, तो ऐसे कार्यों को श्रमदान घोषित कर दिया जाएगा।
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