आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पशुओं में तेजी से बढ़ रहा बांझपन

Sonbhadra

Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
सोनभद्र। पशुओं में बांझपन की बीमारी ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। क्रासव्रीड गाय और मुर्रा भैंसें ज्यादा बांझपन की शिकार हो रही हैं। पशु चिकित्सा विभाग इस रोग से बचाव के लिए कोई खास पहल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में पशुपालक खासे परेशान हैं।
अच्छी नस्ल और दुधारू पशुओं में बांझपन की शिकायत ज्यादा होती है। पशुओं में यह बीमारी पोषक तत्वों की कमी से होती है। इसे दूर करने के लिए पशुओं को हरे चारे में बर्सीम और जई की डोज नियमित देते रहना चाहिए। पशुपालकों को पशुओं के रखरखाव के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए। ज्यादा रुपये खर्च कर पशुपालक अच्छी नस्ल की गाय और भैंसें तो ले आते हैं, लेकिन उनका उचित रखरखाव और भरपूर मात्रा में पोषक तत्व नहीं दे पाते हैं। इसके चलते पशु एक-दो बार के बाद बांझपन के शिकार हो जाते हैं। इनके इलाज में ज्यादा खर्च हो रहा है। अगर पशुओं को उचित मात्रा में पोषक तत्व मिलता रहा तो पशुओं में बांझपन जैसी बीमारी कभी आएगी ही नहीं। पशुओं में होने वाले इस बीमारी के लिए पशुविभाग के पास हर वर्ष कारगर दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन पशुओं को पोषक तत्व तो पशुपालक ही दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में पशुपालकों को हरा चारा नियमित और पशु आहार तथा खली, चूनी आदि नियमित मात्रा में हर रोज खिलाना चाहिए। अभी तक जनपद में कुल 270 पशु बांझपन के शिकार हो चुके हैं और करीब तीन सौ पशुओं का पहले भी इलाज किया जा चुका है। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह ने बताया कि पशुओं में खान पान में कमी, विटामिन की कमी, मिनरल की कमी, समय-समय पर कृमि नाशक दवाओं का प्रयोग करके पशुओं में बांझपन की बीमारी दूर की जा सकती है।
अधिक बांझपन की समस्या क्रासवीड गायों और मुर्रा भैसों में होती है। पशुधन प्रसार अधिकारी बनारसी पांडेय ने बताया कि ग्राम बबुराही, अकछोर, सिद्धीकला, बघनारी, महुआव कला और बेलकप आदि जगहों पर कैंप लगा कर करीब 150 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। सभी क्षेत्रों में बांझपन निवारण के लिए मुहिम चलाई जा रही है। बांझपन निवारण की योजना के अंतर्गत दवाएं प्रतिवर्ष निदेशक पशुपालन विभाग द्वारा दी जाती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

GST लगने के बाद डेढ़ लाख रुपये घटी मित्सुबिशी पजेरो की कीमत

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

सिर जो तेरा चकराए तो...छुटकारा पाने के लिए कर लें ये उपाए

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

करोड़ों की फीस लेने वाली दीपिका पादुकोण ने पहने ऐसे सैंडल, आप कभी नहीं पहनना चाहेंगे

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

थायराइड की प्रॉब्लम दूर करती है गजब की ये मुद्रा

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बन रहा है ऐसा संयोग, जानें खरीदारी का सही समय

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Most Read

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Video: डीएम बोले- 'टॉयलेट नहीं तो अपनी वाइफ को बेच दो'

Aurangabad's DM Kanwal Tanuj has made a controversial statement during a public meeting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

अखिलेश यादव की बैठक के दौरान सपा नेता उमाशंकर चौधरी को हार्टअटैक, मौत

sp leader uma shankar chaudhary died in akhilesh yadav meeting
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

खाना देख खुद को रोक न सकीं सीएम वसुंधरा राजे

cm vasundhara raje like food at dalits house
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!