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कहीं ट्रैक्टर तो नहीं बन रहे हादसों की वजह

Sonbhadra

Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
सोनभद्र। जिले में बगैर लाइसेंस के ही अप्रशिक्षित चालक धड़ल्ले से ट्रैक्टर चला रहे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। मंगलवार की रात मारकुंडी घाटी पर ट्रैक्टर के खाई में जाने से हुई नौ लोगों की मौत कहीं इसी का दुष्परिणाम तो नहीं है। यह सवाल सचमुच गंभीर है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में हजारों लोगों के पास कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर हैं। इन ट्रैक्टरों को गांव का कोई भी आम आदमी फर्राटे से संचालित कर रहा है। ऐसे चालकों में शायद ही कोई ऐसा हो, जिसके पास ट्रैक्टर अथवा अन्य कोई वाहन चलाने के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय से लाइसेंस हो।
हाल यह है कि गांव में खेतों की जोताई करने वाले ट्रैक्टर शहरी इलाकों में भी कभी गिट्टी, बोल्डर, ईंट और बालू लादे दिख जाते हैं, तो टेंट हाउस से संबंधित सामान लादे जाते हैं। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर आए दिन ट्रैक्टर ट्रालियों पर भूसा लादकर ले जाया जाता है। वह भी इस अंदाज में कि ट्रैक्टर के पीछे से यदि कोई वाहन उससे पास लेकर आगे बढ़ना चाहे, तो दुर्घटना हो जाए। पूर्व में ट्रैक्टरों से कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें तमाम लोग दम तोड़ चुके हैं। लेकिन मंगलवार की रात मारकुंडी घाटी में जिस तरह का हादसा हुआ, वह सिर्फ लोगों के रोंगटे खड़ा कर देने वाला नहीं था बल्कि इस बात के लिए सोचने के लिए मजबूर करने वाला भी था कि आखिरकार इस तरह की दुर्घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार हैं।
ट्रैक्टर ट्रालियों में किसी भी तरह का सामान लादने या फिर लोगों को बैठाने की क्षमता का निर्धारण होता है। उनका पंजीकरण कृषि कार्य के साथ ही व्यावसायिक भी होता है, लेकिन इन वाहनों को ओवरलोड संचालन की अनुमति किसके द्वारा प्रदान की जाती है और इस पर अंकुश क्यों नहीं लगता, यह जांच का विषय है। फिर सवाल यह भी है कि जांच करे कौन। जिस परिवहन विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए, उसकी मंगलवार की रात हादसे में नौ लोगों की मौत के बाद भी नींद नहीं टूटी। विभाग के अफसर इस बात का पता भी नहीं लगा सके कि वाहन का नंबर क्या है और किस कार्य के लिए उसका पंजीकरण हुआ है। हालांकि इस बाबत एआरटीओ वीएन राय ने कहा कि ट्रैक्टरों का पंजीयन कृषि और व्यावसायिक कार्य दोनों के लिए होता है। रात में जो हादसा हुआ वह एक संयोग था। बगैर लाइसेंस के किसी को भी वाहन चलाने की अनुमति नहीं है और इसकी बराबर जांच की जाती है।
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