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चार प्रतिशत डैमेज के बदले की जाएगी भुगतान में कटौती

Sitapur

Updated Mon, 24 Dec 2012 05:30 AM IST
सीतापुर। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों पर चावल डिलीवर करना अब केंद्र प्रभारियों के लिये और भी नुकसानदायक हो गया है। एफसीआई ने डैमेज की समस्या को समाप्त करने के लिये चावल के डैमेज का प्रतिशत चार कर दिया है। साथ ही इसके एवज में अब एफसीआई प्रति कुंतल 20 रुपये की दर से भुगतान में कटौती भी करेगा। ऐसे में अब सरकारी खरीद एजेंसियों को चावल का रेट निर्धारित मानक से 20 रुपये प्रति कुंतल कम मिलेगा। इस कटौती से खरीद एजेंसियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह नुकसान केंद्र प्रभारियों को अपनी जेबों से सरकार को अदा करना होगा।
भारतीय खाद्य निगम ने गोदामों पर चावल उतारने में आ रही डैमेज की समस्या का हल निकाला है। एफसीआई ने चावल में डैमेज का प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब प्रति कुंतल पर चावल का डैमेज चार प्रतिशत कर दिया गया है। यह आदेश आने वाले एक या दो दिनों में लागू हो जाएगा। इस आदेश के लागू होने के बाद से एफसीआई के गोदामों पर आने वाला सीएमआर चावल वापस नहीं लौटेगा। राइस मिलर्स को इससे काफी सहूलियतें मिल जाएंगी। लेकिन खरीद एजेंसियों को इस आदेश से भी कोई राहत नहीं मिली है। कारण यह है कि एफसीआई ने जहां चावल में डैमेज चार प्रतिशत लेने का निर्णय लिया है वहीं तीन प्रतिशत से अधिक डैमेज वाले चावल के भुगतान में एफसीआई प्रति कुंतल पर 20 रुपये की दर से कटौती भी करेगा। ऐसे में खरीद एजेंसियों को प्रति कुंतल बीस रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। यह नुकसान खरीद केंद्र प्रभारियों को ही भुगतना पड़ सकता है।
पिछले वर्ष तक एफसीआई प्रति कुंतल चावल के लिये करीब 1900 रुपये का भुगतान कर रही थी। हालांकि केंद्र सरकार ने अब तक इस वर्ष का रेट निर्धारित नहीं किया है। एफसीआई के डैमेज प्रतिशत बढ़ाने के बदले में लागू किये जा रहे आदेश से खरीद केंद्र प्रभारी संकट में है। अगर इस नियम में बदलाव नहीं किये जाते हैं, तो खरीद एजेंसियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ जाएगा। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ चंद्रभानु यादव ने बताया कि एफसीआई द्वारा दी गई छूट से चावल तो उतरने लगेगा, लेकिन खरीद एजेंसियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह योजना नहीं हटाई जाती है तो केंद्र प्रभारियों को अपनी जेब से नुकसान भरना पड़ेगा।
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