आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

2160 बोरा चावल फिर रिजेक्ट

Sitapur

Updated Fri, 30 Nov 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। मानकों पर खरा न उतरने के चलते भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के गोदामों पर जाने वाले सीएमआर व लेवी चावल को वापस करने का दौर थम नहीं रहा है। गुरुवार को एफसीआई के गोदामों में गया 2160 बोरा चावल जांच के बाद रिजेक्ट कर दिया गया। जांच में फेल होने के कारण अब तक करीब 12 लॉट चावल रिजेक्ट होकर वापस आ चुका है। ऐसे में क्रय एजेंसियों व राइस मिलर्स की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। भंडारण व्यवस्था न होने से राइस मिलर्स ने किसानों व क्रय एजेंसियों से धान लेना बंद कर दिया है। ऐसे में धान खरीद लक्ष्य पूरा करना भी चुनौती बन गया है।
एफसीआई के रामकोट, मिश्रिख व शहर के सिटी स्टेशन स्थित गोदामों पर तैयार चावल के भंडारण की व्यवस्था की गई है। गोदामों पर जाने वाला सीएमआर व लेवी चावल एफसीआई के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। अब तक रामकोट व सिटी स्टेशन स्थित गोदामों से करीब 12 लॉट चावल रिजेक्ट किया जा चुका है। एफसीआई अधिकारियों के अनुसार डैमेज चावल की मात्रा अधिक होने पर रिजेक्ट किया जा रहा है। वहीं विपणन विभाग के अधिकारियों व राइस मिलर्स की मानें तो एफसीआई द्वारा चावल की गुणवत्ता नापने में हीलाहवाली बरती जा रही है। सभी बोरों से चावल एकत्रित कर जांच करने की बजाए अधिकारी ट्रक पर आगे की ओर लदे कुछ एक बोरों से ही चावल निकालकर उसकी जांच कर लेते हैं। नियम है कि चावल रिजेक्ट होने के बाद दोबारा जांच की जाए। इसमें विपणन, राइस मिल व एफसीआई तीनों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं, लेकिन अब तक एफसीआई द्वारा इसकी प्रक्रिया नहीं शुरू की जा सकी है। एफसीआई द्वारा चावल वापस लौटाने से राइस मिलों के गोदाम भर गए हैं। ऐसे में मिलों ने क्रय एजेंसियों से धान लेना बंद कर दिया है। इससे धान खरीद की रफ्तार भी सुस्त होना लाजिमी है। अब तक जिले में करीब 80 हजार कुंतल धान खरीद की जा चुकी है, जिसके सापेक्ष एफसीआई ने मात्र 540 कुंतल चावल ही लिया है।

एफसीआई गोदामों पर खड़े हैं ट्रक
भारतीय खाद्य निगम के गोदामों पर चावल उतरवाने व गुणवत्ता की जांच के लिये भी काफी इंतजार करना पड़ रहा है। कई दिनों से खड़े ट्रकों का अब तक नंबर नहीं आया है। ऐसे में ट्रक मालिकों को राइस मिल अतिरिक्त भुगतान भी कर रही हैं। एफसीआई के सीतापुर स्थित गोदाम पर शिवदयाल-मुरारीलाल फर्म व नवगुलाब फर्म के दो-दो ट्रक पिछले चार दिनों से खड़े हैं। इन ट्रकों को राइस मिल मालिकों को प्रतिदिन 600 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। वहीं मिश्रिख स्थित गोदाम पर बालाजी इंडस्ट्रीज के दो ट्रक पिछले तीन दिनों से खड़े हुए है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

'बैंक चोर' के प्रमोशन के लिए रितेश ने अपनाया अनोखा तरीका, हंसते हंसते हो जाएंगे लोटपोट

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

आईआईटी की 1100 सीटों पर सिर्फ 222 विदेशी छात्रों ने किया अप्लाई

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

शनि के प्रकोप को कम कर देते हैं ये पांच उपाय, आजमाकर देखें

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

पहली ही फिल्म में अक्षय के साथ बोल्ड सीन दे चर्चा में आई थी ये हीरोइन, अब हो गई है ऐसी

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफल: वृष में आएंगे सूर्य, इन राशियों पर पड़ेगा असर

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

Most Read

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

मीट कारोबारियों ने दी धमकी, स्लाटर हाउस चालू कराएं नहीं तो तोड़ देंगे कानून

UP Meat businessmen threaten, start slater house, otherwise break law
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उन्नावः पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री

derail of lokmanya tilak in unnao
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

यूपी में 74 IAS अफसरों के तबादले, एसपी गोयल बने सीएम के प्रमुख सचिव

74 IAs transferred in Uttar Pradesh.
  • शनिवार, 20 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top