आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

39 स्कूलों के लिए जमीन ही नहीं

Sitapur

Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। प्रशासनिक सुस्ती की मार नौनिहाल भुगत रहे हैं। जिले के कई स्कूलों में जुलाई से कक्षाएं शुरू होनीं थी, लेकिन अब तक इन स्कूल भवनों की नींव नहीं खुद सकी है। जबकि मार्च तक काम पूरा करने का लक्ष्य था। स्कूल भवनों का हाल यह है कि कहीं दीवारें खड़ी होने के बाद अब छत पड़ने का इंतजार हो रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। हालत यह है कि 350 स्कूलों में से अब तक 39 स्कूल भवनों के लिए जमीन नहीं मिल सकी है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नौनिहालों को मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया गया। इसके लिए जनपद में 350 बस्तियां चयनित की गई, जहां स्कूल नहीं थे। इनमें 328 नए प्राइमरी विद्यालय और 22 जूनियर विद्यालय भवन स्वीकृत हुूए थे। इसके लिए बजट भी आवंटित किया गया था। नए विद्यालय भवनों का निर्माण हर हाल में 31 मार्च 2012 तक पूरा किया जाना था। ताकि चालू शैक्षिक सत्र में नए विद्यालय भवनों में कक्षाएं संचालित कर बच्चों को शिक्षित किया जा सके लेकिन सरकार की मंशा पूरी नहीं हो सकी। ज्यादातर स्कूल भवन सत्र शुरू होने के बाद तीन माह बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। अधिकारी बताते हैं कि स्वीकृति मिलने के बाद बजट मिलने व टेंडर प्रक्रिया में लेटलतीफी हो गई। इससे भवन निर्माण कार्य पिछड़ गया।


39 स्कूल भवनों का निर्माण अटका
जिले में 39 परिषदीय स्कूल भवनों के निर्माण में अड़ंगा लगा है। कारण यह है कि शासन से नए विद्यालय भवनों के निर्माण मद में बाकायदा बजट भी आवंटित हो चुका है। बावजूद इसके इनके निर्माण के लिए विभाग चयनित गांवों में जमीन तक मुहैया नहीं करा सका है। तकरीबन हर ब्लॉक में भूमि विवाद से वहां नए स्कूल भवनों का निर्माण अटका है।

प्राइमरी स्कूल का बजट
भवन के लिए 3 लाख 87 हजार
शौचालय के लिए 24 हजार
हैंडपंप के लिए 32 हजार
रसोईघर के लिए साढ़े 78 हजार
बाउंड्रीवाल के लिए 1.40 लाख
विद्युतीकरण के लिए 11 हजार 310

बाक्स
जूनियर स्कूल का स्वीकृत बजट
भवन के लिए 7 लाख 49 हजार
शौचालय के लिए 24 हजार
हैंडपंप के लिए 32 हजार
रसोईघर के लिए साढ़े 78 हजार
विद्युतीकरण के लिए 17 हजार 688

2011-12 में 350 नए विद्यालय खुलने थे। 39 विद्यालयों को छोड़कर शेष स्कूलों की बिल्डिंग बन रही हैं। जबकि कहीं छत पड़ रही है, तो कहीं प्लास्टर हो रहा है। जमीन विवाद से 39 नए विद्यालय भवनों का निर्माण अटका है, हालांकि इनकी जमीन चयन के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इनका भी निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
अजय कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

39 schools

स्पॉटलाइट

एलियन समझ कर पकड़ा था, सच्चाई पता चली तो उड़ गए होश

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

करण जौहर के बाद एक और हीरो ने अपनी मर्दानगी पर किया बड़ा खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

शादी के बाद मोनालिसा ने सीक्रेट रूम में मनाई सुहागरात, रो पड़े मनु पंजाबी

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

अपने इस 'खास अंग' का बीमा करवाना चाहती हैं सनी लियोन

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

आज लॉन्च होगा Xiaomi Note 4, जानिए कीमत और खासियत

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 बच्चों की मौत की सूचना, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

J&K: मुठभेड़ में लश्कर का एक आतंकी ढेर

 LeT terrorist killed in an encounter with police and security forces in J&K's Bandipora District
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top