आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बजट के फेर में उलझा ड्रेस वितरण

Sitapur

Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
सीतापुर। वाह-रे-वाह बेसिक शिक्षा विभाग। इस महकमे के खेल ही निराले हैं। दो अक्टूबर तक परिषदीय विद्यालयों के नौनिहालों को शासन ने यूनिफॉर्म वितरण के निर्देश थे। प्रत्येक स्टूडेंट को साल में दो ड्रेस देने की व्यवस्था है। दो सौ रुपये प्रति ड्रेस यानी चार सौ की दर से रकम स्कूलों को दी जानी थी। पर एसएमसी खाते न खुलने से एक तो सौ फीसदी स्कूलों में बजट रिलीज नहीं हो सका। जिन स्कूलों में रकम गई, वहां भी ड्रेस वितरण नहीं हो सका। वजह, यूनिफॉर्म निर्माण के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर कोटेशन लिए जाने थे। मगर समय रहते कोटेशन मिल नहीं पाए। जिनके यहां कोटेशन फाइनल हो गए, वहां पर यूनिफॉर्म तैयार करने को छात्रों की तो नाप ली गई, लेकिन बजट के अभाव में कपड़े की खरीद नहीं हो सकी। हालांकि विभागीय आदेशों की लाज बचाने को अधिसंख्य ब्लॉकों में जिम्मेदारों ने खुद के पैसे से न सिर्फ चंद ड्रेसें बनवाईं, बल्कि उन्हें स्कूलों में वितरित भी कराया। ताकि आदेश पर अमल हो सके। वहीं बच्चे पुराने व फटी यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल आने को विवश हैं।
क्लोजिंग से खातों में नहीं ट्रांसफर हुआ पैसा
परिषदीय विद्यालयों के खातों में यूनिफॉर्म का बजट रिलीज होने में देरी की वजह बैंक हैं। दरअसल, यूनिफॉर्म का पैसा एसएमसी खातों में ट्रांसफर होना था। समय पर इनके खाते न खुलने से एक तो विभाग ने सितंबर महीने के अंतिम पखवारे में विद्यालयवार यूनिफॉर्म का बजट बैंकों को भेजा। ताकि विद्यालयों के खातों में यह रकम ट्रांसफर की जा सके। जानकारों की मानें, तो तीस सितंबर को बैंकों की अर्द्ध वार्षिक बंदी थी। ऐसे में खुद का व्यापार दिखाने के चक्कर में बैंकों ने धनराशि स्कूल खातों में ट्रांसफर करने के बजाए उसे रोके रखा। ऐसे में स्कूलों में बजट रिलीज नहीं हो पाया।

केस-एक
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरगांव में 105 बच्चे पंजीकृत हैं। सभी बच्चों को ड्रेस मिलनी थी, जिसकी सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। विद्यालय में ड्रेस के लिये बैंक खाता तो खुला, मगर विद्यालय के खाते में ड्रेस की धनराशि नहीं पहुंची है। प्रधानाध्यापक रामलाल कहते हैं कि जैसे ही स्कूल को ड्रेस के लिये पैसा मिलेगा, ड्रेस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पैसा कब तक आएगा, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वह उम्मीद कर रहे हैं कि 15 तक ड्रेस बनवाकर वितरित कर देंगे।

केस-दो
ब्लाक पिसावां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेरी में 150 छात्र हैं। शैक्षिक सत्र में इन्हें यूनिफॉर्म मिलनी थीं। बैंक में भीड़ के चलते एसएमसी खाता ही नहीं खुल पाया। बैंक खाता न खुलने से यूनिफॉर्म का पैसा ही नहीं मिल पाया। जिस कारण यहां के बच्चे पुरानी ड्रेसों से ही किसी तरह काम चला रहे हैं। यहां के शिक्षक कहते हैं कि बैंक एकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया चल रही है। खाता खुलने के बाद रिलीज बजट से बच्चों की ड्रेस बनवाकर उन्हें वितरित करा दी जाएंगी।

केस-तीन
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरगांव में 181 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। इन्हें दो अक्तूबर को यूनिफॉर्म दी जानी थीं। केवल तीन बालिकाओं को ही पुराने बजट से ड्रेस दी गई। शेष बालिकाएं यूनिफॉर्म पाने की राह तक रही हैं। वजह, स्कूल के एसएमसी खाते में ड्रेस का पैसा नहीं पहुंचा। प्रधानाध्यापक नसीर अहमद कहते हैं कि उन्हें धनराशि न मिलने का वजहें नहीं मालूम हैं, हालांकि विभाग से संपर्क साधने पर पता चला कि यह रकम बैंक को भेजी जा चुकी है। छात्राएं पुरानी यूनिफॉर्म में स्कूल आ रही हैं।

केस-चार
प्राइमरी विद्यालय छावनी लहरपुर में 113 बच्चे हैं। बच्चों को ड्रेस देने के लिए बजट एसएमसी खाते में आना था। एसएमसी खाता खुलने के बाद भी उसमें यूनिफॉर्म की रकम नहीं पहुुंची। जिस कारण नौनिहालों को ड्रेस वितरित नहीं हो पाई। प्रधानाध्यापिका हाशमी बानो का कहना है कि पैसा मिले, फिर यूनिफॉर्म बनवाने की प्रक्रिया शुरू हो। यूनिफॉर्म न मिलने से बच्चे पुरानी व फटी ड्रेस में स्कूल आने को विवश हैं।

ड्रेस के लिए धनराशि का आवंटन कर दिया गया है। स्कूलों में धनराशि न पहुंचने की सूचना मिल रही है। इसकी जांच कराई जाएगी, कि यह धनराशि स्कूलों में क्यों नहीं पहुंची। एसएमसी खाते समय पर न खुल पाने की वजह से बजट भेजने में विलंब हुआ है।
अजय कुमार सिंह, बीएसए
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

dress distribution

स्पॉटलाइट

नए कलेवर में लॉन्च हुए नोकिया के मोबाइल फोन, खास हैं खूबियां

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानिए दुनिया के सबसे सम्मानित पुरस्कार 'ऑस्कर' से जुड़ी 10 रोचक बातें 

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ICC रैंकिंग: स्टीव ओ'कीफ की ऊंची छलांग, अश्विन-जडेजा और विराट को हुआ नुकसान

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

अब यह लोकप्रिय कार भी नहीं मिलेगी बाजार में

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

झारखंड: महिला कर्मचारियों को मिलेगी दो विशेष छुट्टी

Jharkhand:women will get 2 special leave under sarva shiksha abhiyan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

अपने ऊपर दर्ज रेप के मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

IPS amitabh thakur protest against fir against him in rape case
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top