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बाढ़ से घिरी हजारों की आबादी

Sitapur

Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
रेउसा (सीतापुर)। बैराजों से पानी छोड़े जाने से गांजरी इलाके में बहने वाली शारदा, घाघरा और चौका आदि नदियों के जलस्तर में तेजी से हुयी बढ़ोत्तरी से रेउसा ब्लाक के दर्जनों गांवों की हजारों की आबादी प्रभावित हुई है। वहीं पशुओं के चारे की समस्या भी मुंह बायें खड़ी है। संक्रामक बीमारियों ने भी क्षेत्र में पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। प्रशासनिक सहायता महज कागजों तक ही सीमित है। सैकड़ों ग्रामीण घराें से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर चले गये हैं। ब्लाक क्षेत्र के नगीनापुरवा, श्यामनगर, चंद्रभाल पुरवा और सिसईया बाजार में उफनाई घाघरा नदी का पानी प्रवेश कर गया है जिससे इन गांवों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर गए हैं। नदियों के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने के बाद क्षेत्र के तमाम गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। रेउसा ब्लाक के काशीपुर, गोड़ियन पुरवा, असईपुर, बाजपेयीपुरवा, असईपुर, चमारनपुरवा, मटेरिया, खमहरिया, शेखपुर, मल्लापुर, कोनी, नगीनापुरवा, श्यामनगर, चंद्रभाल पुरवा और सिसईया बाजार आदि गांवों में स्थिति भयावह हो गयी है। इन गांवों के बाशिंदों के साथ ही साथ इन गावों की सैकड़ों एकड़ फसल भी बाढ़ के पानी से नष्ट हो गई है। शारदा नदी के आगोश में समा चुके घरों के वाशिंदों ने सड़क के किनारों को अपना घर बना लिया है। काशीपुर और मल्लापुर के लगभग 400 परिवारों ने काशीपुर, भिठौली व रमुआपुर को जाने वाली सड़क के किनारे अपना-अपना आशियाना बनाए हुए हैं। ग्राम कुलिया, छड़िया, राज पुर, केवटाना, काशीपुर, जटपुरवा सहित घाघरा नदी के दर्जनों तटवर्ती गांव बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे हैं। सैकड़ों बीघा मक्का, उरद, अरहर व गन्ने की फसल पानी में डृूबकर नष्ट हो चुकी है। कोनीपुरवा, निर्मलपुरवा, मरेली, महंतपुरवा, नगीनापुरवा, रामलाल पुरवा, जिन्नापुरवा, ठेकेदारपुरवा, पकरियनपुरवा के निवासी बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। ग्राम पंचायत की जमीनों पर सड़काें के किनारे व इधर-उधर बंजाराें की तरह बसे इन लोगों का कहना है कि तमाम लोगों के मकानों का कटान अभी भी जारी है। अभावाें से जूझ रहे इस कटान प्रभावित क्षेत्र में यदि नष्ट हुयी हजारों एकड़ फसल उजड़े मकान व लोगों के घर-गृहस्थी के तबाह हुए सामान का सही मूल्यांकन किया जाए तो आंकड़े प्रशासनिक दावों के इतर बर्बादी का मंजर खुद-व-खुद बयां कर देंगे। क्षेत्रीय विधायक महेंद्र कुमार सिंह झीन बाबू, क्षेत्रीय ब्लाक प्रमुख चंद्र कुमार मिश्र बापू ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां हुये नुकसान का आकलन किया। क्षेत्रीय विधायक ने जिलाधिकारी से बाढ़ पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता व खाद्यान्न सामग्री मुहैया कराये जाने तथा गिरे हुये मकानों का सर्वे कराकर पीड़िताें को अहेतुक सहायता दिये जाने की मांग की है।
घाघरा का जलस्तर बढ़ा, सैकड़ों परिवार हलाकान
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। गांजर क्षेत्र में तबाही मचाने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से अंबरौरा, कनरखी, शुकुलपुरवा, मनेरा, दुबेपुरवा आदि दजर्नों गांवों के सैकडों परिवार हलकान हैं। गुरुवार को हुई भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गये पानी से सुकुलपुरवा, भगवतपुरवा, केवड़ा, मनेरा, दुबेपुरवा, अंगरौरा, कनरखी, हजारा सहित दर्जनों गांवों के लोगों के घर पानी में डूबने के कगार पर आ गये हैं। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो 24 घंटे में गांव तथा घर पानी से घिर जाएंगे। घाघरा की तेज धारा अब रामपुर मथरा से अंगरौरा जाने वाली मुख्य सड़क को निशाना बनाते हुए दुबेपुरवा के पास तेजी से कटान कर रही है। यदि यह मुख्य मार्ग कट गया तो आवागमन एवं सहायता सामग्री पहुंचने का मार्ग कोई भी नहीं रहेगा।


नदियों के जलस्तर के साथ कम हुई चिंता
सीतापुर। बैराजों से लगातार पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद भी जिले के गांजरी इलाके में तांडव मचाने वाली चौका और घाघरा नदियों के जल स्तर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान गिरावट दर्ज की गई है जिससे यहां के बांशिदों ने थोड़ा सा सुकून की सांस ली है। हालांकि शहर के बीचोबीच बहने वाली सरायन के साथ ही आदि गंगा गोमती के जल स्तर में वृद्धि हुई है। गुरूवार को सीतापुर में सात मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा शारदा और बनवसा बैराजों के जल स्तर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान आंशिक कमी दर्ज की गई है। जबकि गिरिजा बैराज के जल स्तर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान पांच सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। गुरूवार के मुकाबले शुक्रवार को गोमती नदी के जल स्तर में पंद्रह सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोत्तरी के बाद गोमती नदी का जल स्तर 118.23 मीटर पर पहुंच गया। इसके अलावा सरायन नदी का जल स्तर 125.90 मीटर रिकार्ड किया गया। इस नदी के जल स्तर में भी पिछले चौबीस घंटों के दौरान पांच सेंटी मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। चौका नदी पर बने महमूदाबाद बांध के जल स्तर में चौबीस घंटों के दौरान कोई बदलाव नहीं आया है। शुक्रवार को इन बैराजों का जल स्तर क्रमश: 219.65 और 134.25 मीटर रिकार्ड किया गया।
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