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ठोकर खा रहे सूचीबद्ध सीजनल अमीन

Siddhartha nagar

Updated Fri, 14 Dec 2012 05:30 AM IST
सिद्धार्थनगर। राजस्व विभाग में कार्य कर चुके कई वरिष्ठ सूचीबद्ध सीजनल संग्रह अमीनों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शासन और प्रशासन की ओर से इनकी खबर न लिए जाने के कारण इनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। स्थायी होने की आस में ये उम्रदराज हो चले हैं।
बता दें कि राजस्व की वसूली के लिए शासन के आदेशानुसार प्रत्येक तहसील में सीजनल संग्रह अमीनों की नियुक्ति कमिश्नर की संस्तुति पर डीएम के आदेश से प्रत्येक तहसीलों में उपजिलाधिकारी/ तहसीलदार की ओर से की जाती है। सूत्र बताते हैं कि पूरे जनपद के वरिष्ठ सीजनल संग्रह अमीनों की एक अंतिम सूची जिलाधिकारी कार्यालय में वर्षों से पड़ी है, जिस पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ न करके सूची को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। बताया जाता है कि पूरे जिले में स्थायी संग्रह अमीन भारी संख्या में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जिससे जनपद में स्थायी अमीनों का पद खाली पड़ा हुआ है। एक-एक अमीन के पास कई कई हल्कों का चार्ज होने से राजस्व वसूली प्रक्रिया बाधित हो रही है। कुछ वरिष्ठ सूचीबद्ध सीजनल अमीनों का कहना है कि प्रशासन इनके साथ सौतेला व्यवहार करते हुए गुपचुप तरीके से वरिष्ठता सूची दरकिनार करके जूनियर सीजनल अमीनों को स्थायी अमीन बना दिया गया है। इसकी यदि जांच की जाए तो असलियत खुद सामने आ जाएगी। जबकि नियमानुसार वरिष्ठता की अंतिम सूची से ही अमीनों को स्थायी करने का प्रावधान है। वरिष्ठ सीजनल अमीन के पास कार्य करने का अनुभव प्राप्त रहता है। सूचीबद्ध सीजनल संग्रह अमीनों को स्थायी न करने के चलते उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है तथा उनका परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। कई सीजनल अमीनों का कहना है कि एक तरफ राजस्व विभाग में सेवा करते करते वे उम्रदराज हो गए हैं, जिससे और कहीं नौकरी भी नहीं मिल सकती। स्थायी होने की आस में उनका जीवन ही खराब हो गया। सूचीबद्ध वरिष्ठ सीजनल संग्रह अमीन ओमप्रकाश यादव, रवि प्रकाश सिंह, अनिल श्रीवास्तव, रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, हरीशचंद्र, श्यामलाल आदि का कहना है कि यदि जिला प्रशासन जिले की वरिष्ठता सूची के आधार पर सीजनल अमीनों को स्थायी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर देती तो जिले में स्थायी अमीनों के पदों की पूर्ति तो होती ही, राजस्व वसूली में भी तेजी आती।
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