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दिल्ली से आया शव, हत्या का मुकदमा दर्ज

Siddhartha nagar

Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर। पकड़ी लाला गांव में दीवाली की रात 11 बजे दिल्ली से जब अशरफी का शव आया तो तो घर में चीत्कार मच गई। शव को देखकर हत्या की आशंका जताते हुए अशरफी की पत्नी ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने बुधवार को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के पकड़ी लाला गांव निवासी अशरफी (40) दिल्ली के नागलोई गली नंबर चार स्थित एक ढाबा में कार्य करते थे। ढाबा शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के बरइनिया गांव के एक व्यक्ति का है। ढाई माह पहले अशरफी यहां नौकरी करने के लिए गए थे। पुलिस को दी गई तहरीर में अशरफी की पत्नी सूर्यमती ने आरोप लगाया कि उनके पति ने दीवाली का त्योहार होने के कारण मालिक से जब रुपये की मांग की तो उन्हें बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद अशरफी को घायलावस्था में विजय नगर इन्कलेव स्थित एक दुकान पर लाया गया। इस दुकान पर अशरफी की बेटी सीता (13) कार्य करती है। घर का कार्य भी वह करती है। यह दुकान ग्राम धनगढ़िया टोला मिझुनिया के एक व्यक्ति की है। जब सीता ने पिता को घायलावस्था में देखा तो चिल्लाने लगी। इसी दौरान अशरफी की मौत हो गई। तहरीर में कहा गया है कि आनन-फानन में उसके शव को वे लोग लेकर गांव चले आए। बुधवार की सुबह सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इस संबंध में एसओ निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसे दिल्ली के संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दिया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है। हिरासत में एक व्यक्ति को पुलिस ने लिया था, जिससे पूछताछ करके छोड़ दिया गया।

पापा-पापा की रट लगाए रहा
सिद्धार्थनगर। पकड़ी लाला का अशरफी काफी गरीब थे। परिवार को पालने की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। सात बच्चों के भविष्य के लिए वह दिल्ली कमाने गए थे। गरीबी के चलते ही उन्होंने अपनी एक बेटी को दिल्ली में रखा। उनकी छह बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी गीता (18) की शादी हो चुकी है, लेकिन गौना बाकी है। बेटा विजय (8) को अभी दुनिया की समझ ही नहीं है। जब घर अशरफी का शव आया तो विजय पापा-पापा की रट लगाए रहा।
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