आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बच्चे हो रहे कोल्ड डायरिया, निमोनिया के शिकार

Siddhartha nagar

Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। बदलते मौसम का असर इस समय बच्चों पर देखने को मिल रहा है। अस्पताल आने वाले बच्चों में से चालीस फीसदी निमोनिया और कोल्ड डायरिया से पीड़ित हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को भी बच्चों के इलाज को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी से बचाव करने से इस रोग पर काबू पाया जा सकता है।
ठंड-गरम मौसम बच्चाें की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। इस मौसम में 40 प्रतिशत बच्चे इसके शिकार हैं। हर दस में से चार बच्चे इस रोग के शिकार हो रहे हैं। इसका मात्र एक कारण यह है कि सर्द मौसम में बच्चों के सीने पर ज्यादा ठंडक लगती है। इस वजह से उन्हें खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त होती रहती है। उन्हाेंने कहा कि कभी कभार बुखार की वजह से बच्चों की सांस भी फूलने लगती है। इस लिए इस मौसम में बच्चों को सर्दी से विशेष बचाने की जरूरत है।
चेतिया से इलाज के लिए जिला अस्पताल में साधना (4) कई दिनों से बीमार थी। उसका इलाज एक सप्ताह से चल रहा है। वह कोल्ड डायरिया से पीड़ित है। वही देवलहवा से इलाज के लिए समीरा (1) को कई दिनाें से बुखार ने जकड़ रखा था, जिसकी वजह से उसके चेहरे पर दाने निकल आए हैं। उसका भी इलाज कई दिनों से चल रहा है। डुमरियागंज स्थित न्यू पीएचसी पर इस बीमारी से पीड़ित दर्जनों मरीज रोजाना इलाज के लिए आ रहे हैं। डुमरियागंज पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मुस्तकीम अंसारी ने बताया है कि सर्द-गर्म से लोगों में वायरल फीवर की संभावना बढ़ जाती है। इस मौसम में छोटे बच्चों में निमोनिया की शिकायत अधिक होती है। बदले इस मौसम में सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।

कैसे करें बचाव
सिद्धार्थनगर। कोल्ड डायरिया और निमोनिया से बचाव के लिए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को ढीले कपड़े पहनाएं। बुखार आने पर तत्काल पैरासिटामाल का टेबलेट खिलाएं और कोल्ड स्पेजिंग (पानी की पट्टी) करें। उन्हाेंने बताया कि अगर डायरिया है तो ओआरएस का घोल पिलाएं। उस पर अगर तबियत में सुधार न हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

वायरल फीवर के लक्षण
डुमरियागंज। वायरल फीवर से ग्रसित बच्चों में खांसी के साथ पसलियां चलने और सांस लेने में दिक्कत होती है। बार-बार लोगों को छींक आती है। लोगों के शरीर और हड्डियों में दर्द होने के साथ ही उन्हें तेज बुखार भी रहता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

जायरा के बारे में वो बातें, जो आप नहीं जानते

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

फरवरी में 823 साल बाद बनेगा शुभ संयोग, आपको म‌िलने वाला है बड़ा लाभ

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

19 को लॉन्च होगा Xiaomi Note 4, जानिए कीमत और खासियत

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

इस साल इन फैशन ट्रेंड्स का रहेगा जलवा, सितारें भी हैं फिदा

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

'जानलेवा जीभ' से खतरे में आई जान, यूं बचा नवजात

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

Most Read

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

इस्तीफे की खबर पर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष ने दी सफाई

Vijay Sampla offered to quit as Punjab BJP Chief
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

सपा में दो राष्ट्रीय अध्यक्ष! मुलायम की नेमप्लेट के नीचे लगा अखिलेश का बोर्ड

akhilesh yadav name plate in sp office as sp chief
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +

'दंगल गर्ल' की जायरा हिम्मत बढ़ाने आगे आए कश्मीर के युवा

KASHMIRI YOUTH CAME TO SUPPORT ZAIRA WASEEM
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

पार्टी और साइक‌िल पर कब्जा म‌िलने के बाद मुलायम से म‌िलने पहुंचे अख‌िलेश

after getting cycle akhilesh yadav meets mulayam singh
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top