आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

16 सालों से दो सौ परिवार बेघर

Siddhartha nagar

Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
सिद्धार्थनगर। नदी का जलस्तर जब बढ़ता है तो दो सौ कुनबे कांप उठते हैं। उन्हें 16 साल पहले का भयावह मंजर याद आता है। उसका और जोगिया ब्लाक के इन परिवारों को 16 साल बाद भी अपना घर नहीं मिल सका। बंधे पर झोपड़ी में इनका गुजर हो रहा है। इन्हें स्थायी घर की आस है पर प्रशासन बेखबर है। एक बार फिर नेपाल में बारिश से जिले की नदियां उफना गई हैं। इन कुनबों के साथ ही पांच दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण बाढ़ की आशंका से थर्रा गए हैं।
बाढ़ में घर गंवा चुके उसका के हथिवड़ताल के तिवारी टोला के भुआल, मोहरत, बसंत, अंबरीष बांध पर शरण लिए हैं। पांच बच्चों के साथ रह रही भुआल की पत्नी अकालमती कहती हैं कि अब तो गांव में जाने की हिम्मत नहीं होती। संवारी (60) वर्ष 1998 की बाढ़ त्रासदी को भुला नहीं पाई हैं। डर की वजह से आज भी पुराने घर लौट नहीं पाई। 16 वर्षों से अपने दो लड़के और एक लड़की के साथ बांध पर ही जिंदगी गुजार रही हैं। पीड़ितों में रामफल टोला (पनियहवा) के रतन, रामनरेश, नरायन, शिवशंकर, हरिशंकर, रामफल, पारस, राम लखन, कपिल भी शामिल हैं। ये सभी बरसात हो या लू के थपेड़े, बांध पर ही जीवन काटने को मजबूर हैं। इनका कहना है कि गांव में सड़क बिजली होने से ज्यादा जरूरत हम लोगों की बाढ़ से सुरक्षा की है, जिसे प्रशासन आज तक मुहैया नहीं करा पाया। उसका बाजार से उसका लखनापार बांध पर पनियहवा के ग्रामीण बांध पर शरण लिए मिल जाएंगे। विगत 16 वर्ष से इनका परिवार यहीं है। वर्ष 1998 की बाढ़ ने जिले के दर्जनों गांवों के लगभग दो सौ परिवारों को बेघर कर दिया। इनमें हथिवड़ताल के तिवारी टोला, यादव टोला, बंगाली टोला, रामफल टोला और खदेरू टोला के सैकड़ों परिवार शामिल हैं। जोगिया ब्लाक के ग्राम खजुरडाड़ के तीन दर्जन से अधिक परिवार भी बांध पर शरण लिए हैं। इस संबंध में प्रभारी डीएम आरबी सिंह ने कहा कि बाढ़ को लेकर प्रशासन गंभीर है। हम किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार हैं, जहां तक विस्थापितों की बात है तो इसके लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है।
इनसेट
बांध पर ही बस गए दर्जनभर गांव
बाढ़ के भयावह मंजर से बचने के लिए राप्ती और बूढ़ी राप्ती के बीच निचले भूभाग में दर्जनों गांवों के लोग अपना आशियाना बांध पर बनाए हैं। लखनापार बैदौला बांध से गुजरने के दौरान फत्तेपुर गांव दिखाई पड़ेगा। यहां के लोग भी बांध के पास ही अपना आशियाना बनाकर जीवन गुजार रहे हैं। इसी तरह बांध पर रीवांनानकार, गायघाट, झून्की, बगहिया, नटवाताल, मारूखर्ग और अजिगरा समेत दर्जनों गांव ऐसे हैं, जो बांध से सटे दोनों तरफ बसे हैं।
इनसेट
1998 की बाढ़ ने मचाई थी तबाही
वर्ष 1998 की बाढ़ ने विगत 100 सौ वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया था। जिले के 2545 गांवों में 1693 गांव प्रभावित हुए। 1053 गांव जलमग्न हो गए थे। जिले की तत्कालीन 16 लाख 18 हजार आबादी में 11 लाख 65 हजार आबादी प्रभावित हुई थी। कुल कृषि योग्य भूमि 2,45,273 हेक्टेयर में 1,90,495 हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई। बाढ़ से 52 लोगों और 481 पशुओं की मौत हो गई थी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

16 years

स्पॉटलाइट

इस तरह से रहना पसंद करते हैं नए नवेले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बारिश में कपल्स को रोमांस करते देख क्या सोचती हैं ‘सिंगल लड़कियां’

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

यूपी: पेपर लीक गैंग ने लगाई दरोगा भर्ती में सेंध, पूरी परीक्षा रद्द

up police recruitment entire process cancel
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बुरे वक्त से निपटने के लिए लालू ने बनाया प्लान B, माया-मांझी का लेंगे सहारा!

RJD leader Lalu Prasad prepares plans alternate pact with Mayawati and Manjhi
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

अलगाववादियों को भारत सरकार से भी मिल चुके हैं पैसे: फारूक अब्दुल्ला

GOI too gave funds to separatists says farook abdullah
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अड़े कर्मियों ने घेरा सचिवालय, सरकार को अल्टीमेटम

Employees Protest Over Old Pension Issue at Shimla.
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!