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रजिस्ट्रार के यहां भेजी फर्जी सत्यापन रिपोर्ट

Shahjahanpur

Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
सत्यापन आख्या पर एसडीएम और तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर
- एसडीएम ने तहसीलदार से तलब की रिपोर्ट
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। रजिस्ट्रार के यहां फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट पर एसडीएम कार्यालय की फर्जी पत्रांक संख्या डालने के साथ ही एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल के फर्जी हस्ताक्षर भी कर लिए गए। मामले की जांच शुरू होने से संबंधित पक्षों में हड़कंप मचा हुआ है।
खुटार के गांव मलिका में कुछ वर्ष पूर्व में एक मंदिर की देखरेख के लिए ट्रस्ट बनाया गया था। ट्रस्ट में लगभग आठ एकड़ जमीन भी लगी हुई है। इस समिति के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के बाद ट्रस्ट की भूमि आदि के संबंध में रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स के यहां से एसडीएम पुवायां को पत्र भेजकर भूमि आदि के संबंध में सत्यापन आख्या मांगी गई। ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को नोटिस आदि जारी हुआ तो उन्हें मामले की जानकारी मिली।
बरेली जाकर रजिस्ट्रार आफिस में ट्रस्ट के सदस्यों ने मुआयना किया। सत्यापन आख्या पर कानूनगो परगना मलिका लिखा देख उनका माथा ठनका। पुवायां तहसील में मलिका कानूनगो का क्षेत्र ही नहीं है। यह गांव खुटार परगना के तहत आता है। उन्होंने जनसूचना अधिकार के तहत सत्यापन आख्या की प्रति हासिल की और उसे एसडीएम पुवायां के यहां प्रस्तुत कर सत्यापित कराए जाने की मांग की। सत्पापन आख्या पर जो पत्रांक संख्या पड़ी हुई है उस पत्रांक पर गांव धनसिंहपुर के लिए पत्र जारी किया गया है। कानूनगो के रूप में करन सिंह के हस्ताक्षर मोहर हैं। लेखपाल बीएन गंगवार के भी हस्ताक्षर बने हुए हैं जबकि उक्त नाम के कर्मचारी यहां कभी तैनात नहीं रहे।



‘हमारे पास शिकायत आई थी। मामले की रिपोर्ट तहसीलदार से तलब की गई है। सत्यापन पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं। जो पत्रांक संख्या पड़ी है, उसका पत्र गांव धनसिंहपुर को जारी हुआ है। प्रथम दृष्टया सत्यापन आख्या फर्जी प्रतीत हो रही है।’
भरतलाल सरोज एसडीएम पुवायां



‘मलिका कानूनगो क्षेत्र नहीं है। जिस नाम के कानूनगो और लेखपाल का नाम सत्यापन पर पड़ा हुआ है। उस नाम के कानूनगो और लेखपाल पुवायां में तैनात नहीं हैं। सत्यापन रिपोर्ट और उस पर हस्ताक्षर फर्जी हैं। मेरे भी फर्जी हस्ताक्षर बने हुए हैं। जांच चल रही है।’
प्रेमचंद्र सिंह, तहसीलदार पुवायां
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