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एपीडीआरपी से बढ़ेगी ट्रांसफार्मरों की क्षमता

Shahjahanpur

Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
शहर में अक्सर डैमेज होने वाले 30 फीसदी ट्रांसफार्मर चिन्ह्ति
- भार के सापेक्ष बदलने और क्षमता बढ़ाने की है योजना
- सुधरेगी शहरी क्षेत्र की सप्लाई, कम होंगे ब्रेकडाउन भी
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। पॉवर कारपोरेशन के स्टोर में ट्रांसफार्मरों की कमी से बिजली संकट झेल रहे शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। विभागीय अभियंताओं ने ओवरलोडिंग के शिकंजे में आकर आए दिन डैमेज होने वाले ऐसे 30 फीसदी ट्रांसफार्मर चिन्हित किए हैं, जिन्हें बिजली भार के सापेक्ष अपग्रेड किया जाना है। इसके लिए अब केंद्र सरकार के एक्सीलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट रिसोर्स प्रोग्राम (एपीडीआरपी) से आर्थिक मदद मिलने का इंतजार है।
बता दें कि शहरी सीमा में विभिन्न इलाकों को पर्याप्त वोल्टेज की बिजली सप्लाई देने को 100 से लेकर 400 केवी क्षमता के लगभग 350 ट्रांसफार्मर अलग-अलग मोहल्लों में स्थापित किए गए हैं। समय बीतने के साथ जिन क्षेत्रों में कनेक्शन बढ़े, वहां के ट्रांसफार्मरों पर लोड भी बढ़ा, लेकिन उनकी क्षमता नहीं बढ़ाई जा सकी। नतीजे में आए दिन ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं होने लगीं।
पॉश कॉलोनी ब्रजविहार के सैकड़ों लोग गत कई माह से इसी समस्या से जूझ रहे हैं। कारण, वहां का ट्रांसफार्मर ज्यादा बिजली भार पड़ने से अक्सर डैमेज हो जाता है। ऐसी दशा में कई दिन तक कॉलोनी के एक हिस्से में बिजली संकट बना रहता है। घंटाघर-चौक मार्ग पर शेरों वाले मंदिर के पास, बिसरात रोड पर अनवार नर्सिंग होम के नजदीक, मल्हार मोड़ और जेल रोड पर फायर स्टेशन के पास रखे ट्रांसफार्मर भी आए दिन आग की भेंट चढ़ जाते हैं। कम क्षमता वाले ऐसे सभी ट्रांसफार्मरों को बदलने और अपग्रेड करने के लिए एपीडीआरपी से बजट मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है।


यह रहे अक्सर डैमेज होने वाले ट्रांसफार्मर
घंटाघर-चौक मार्ग पर शेरों वाले मंदिर के पास, बिसरात रोड पर अनवार नर्सिंग होम के नजदीक, मल्हार मोड़ और जेल रोड पर फायर स्टेशन के पास।



‘शहर का जो मौजूदा बिजली नेटवर्क है, उसे संवारने में कई वर्ष पहले एपीडीआरपी से मिले 44 करोड़ रुपये के बजट का बहुत बड़ा हाथ है। अब एक बार फिर यह स्कीम अपने जिले में लागू हो रही है। इस बार एपीडीआरपी से मिलने वाली धनराशि से शहर के उन सभी ट्रांसफार्मरों को बदलने की योजना है जिनके ब्रेकडाउन की वजह ओवरलोडिंग है।’
-प्रदीप सोनकर, उपखंड अभियंता (शहर), पॉवर कारपोरेशन
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