आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

महाविद्यालयों में पुस्तकों की कमी नहीं

Shahjahanpur

Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
जीएफ और आर्य महिला महाविद्यालयों में भी है बुक बैंक की व्यवस्था
- एसएस कॉलेज के पुस्तकालय में है संदर्भ पुस्तकों का भंडार
- फिर भी अधिकतर छात्र मॉडल पेपर, गैस पेपर-गाइड के दीवाने
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। नगर के महाविद्यालय पुस्तकों से लबालब हैं। तीनों महाविद्यालयों में एक लाख से ऊपर विभिन्न विषयों की पाठ्य पुस्तकें और संदर्भित किताबें मौजूद हैं। हालांकि बुक बैंक की सुविधा लगभग दो दशक पहले खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद दो महाविद्यालय बुक बैंक भी संचालित कर रहे हैं। दुर्भाग्य यह है कि पुस्तकालयों का लाभ उतने छात्र नहीं उठा रहे हैं, जितनी उम्मीद महाविद्यालय संचालक करते हैं।
एसएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र बताते हैं कि बुक बैंक तो करीब दो दशक पहले ही खत्म हो चुके हैं। इसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं को वर्षभर के लिए किताबें दी जाती थीं। यह किताबें विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा के बाद जमा करते थे। किताबों के बदले में उनसे कुछ सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाती थी। बुक बैंक के लिए सरकार से मिलने वाला अनुदान बंद कर दिया गया, लिहाजा यह व्यवस्था खत्म कर दी गई। हां, पुस्तकालय जरूर अपना काम बखूबी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से पंचवर्षीय योजनांर्गत किताबों के लिए अनुदान प्राप्त होता है, जिससे नवीन संस्करणों की पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं।
डॉ. मिश्र का कहना है कि छात्रों में गाइड, गैस पेपर, मॉडल पेपर आदि से पढ़ाई करने में रुझान बढ़ने से पुस्तकालयों में उनकी संख्या कम होती जा रही है। साथ ही रही-बची कसर इंटरनेट पूरी कर रहे हैं। पुस्तकालयों के औचित्य पर प्राचार्य बोले कि पुस्तकालय पढ़ने वाले छात्रों के लिए होते हैं, केवल पास होने वालों के लिए नहीं। उनके यहां पाठ्य पुस्तकों के साथ बड़ी संख्या में संदर्भ पुस्तकें भी मौजूद हैं।
जीएफ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अकील अहमद ने बताया कि उन्होंने महाविद्यालय में गत वर्ष से बुक बैंक की सुविधा फिर शुरू की, लेकिन बमुश्किल 8-10 बच्चे ही किताबें लेने आए। अब बच्चों में पाठ्य पुस्तकें पढ़ने का शौक नहीं रहा। वह तो शार्ट कट अपनाकर गाइड, गैस पेपर आदि से काम चलाना चाहते हैं। बुक बैंक की तुलना में पुस्तकालय अधिक उपयोगी साबित होते हैं। कारण यह कि बुक बैंक में बच्चों को पूरे साल के लिए किताबें दी जाती हैं, जबकि पुस्तकालय में कुछ दिनों के लिए। पुस्तकालय में रोटेशन सिस्टम से अधिक छात्र लाभांवित होते हैं। बताया: उनके कॉलेज की फजलुर्रहमान खां लाइब्रेरी पूरी तरह ऑन लाइन की जा चुकी है, जो जनपद के लिए गौरव की बात है। ऐसा अधिकतर विश्वविद्यालयों में भी नहीं है।
आर्य महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रानी त्रिपाठी बताती हैं कि उनके यहां पुस्तकालय के साथ बुक बैंक की सुविधा भी है। केवल पुस्तकें रखने से छात्राओं में रुचि नहीं विकसित की जा सकती। बताया: उनके कॉलेज में लगभग 22000 किताबें मौजूद हैं।

फोटो- 18 एसपीएन 18
जीएफ कॉलेज में हैं
60 हजार पुस्तकें
जीएफ कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष सैयद अनीस अहमद ने बताया कि कॉलेज की फजलुर्रहमान खां लाइब्रेरी में करीब 60,000 पुस्तकें हैं। विभिन्न कक्षाओं का नवीन पाठ्यक्रम भी हर समय उपलब्ध है। विश्वविद्यालय में एकमात्र उनका कॉलेज ही ऐसा है, जो पूर्ण रूप से कंप्यूटराज्ड है।

एसएस कॉलेज में भी
है पुस्तकों का भंडार
एसएस कॉलेज के पुस्तकालयाध्यक्ष श्रीप्रकाश डबराल ने बताया कि उनके महाविद्यालय में 60 हजार से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। इसमें पाठ्य पुस्तकों के अलावा संदर्भ पुस्तकें भी शामिल हैं। बुक बैंक लगभग 20 साल पहले ही बंद हो चुके हैं, इसलिए पुस्तकालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है।



पाठ्य पुस्तकें अधिक कारगर: यमन
एसएस कॉलेज की एम कॉम फाइनल की छात्रा यमन खान का कहना है कि गाइड या गैस पेपर विषय की उतनी जानकारी नहीं दे सकते, जितनी पाठ्य पुस्तकें। इसके लिए वह पुस्तकालय का लाभ उठाती हैं। उन्हें कोर्स के अलावा अन्य साहित्यिक पुस्तकें पढ़ने का भी शौक है।


किताबों से अच्छा कोई दोस्त नहीं: दक्षिणा
एसएस कॉलेज की ही एम कॉम फाइनल की छात्रा दक्षिणा मिश्रा को कोर्स के अलावा उपन्यास आदि पढ़ने का बहुत शौक है। वह कहती हैं कि किताबों से अच्छा दोस्त और कोई नहीं हो सकता। ज्ञानार्जन के लिए पुस्तकालयों की दौड़ तो लगानी ही पड़ेगी। केवल मॉडल पेपर के सहारे उच्च शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

CV की जगह इस शख्स ने भेज दिया खिलौना, गौर से देखने पर पता चली वजह

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

दिल्ली से 2 घंटे की दूरी पर हैं ये खूबसूरत लोकेशंस, फेस्टिव वीकेंड पर जरूर कर आएं सैर

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

फिर लौट आया 'बरेली का झुमका', वेस्टर्न ड्रेस के साथ भी पहन रही हैं लड़कियां

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

गराज के सामने दिखी सिर कटी लाश, पुलिस ने कहा, 'हमें बताने की जरूरत नहीं'

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

जब राखी सावंत को मिला राम रहीम का हमशक्ल, सामने रख दी थी 25 करोड़ रुपए की डील

  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

बलिया के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते मिले सरकारी शिक्षक पति-पत्नी, मिली यह सजा

government teachers being caught teaching in private school ballia
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

सेना में भर्ती रैली की तारीखों में हुआ बदलाव, यहां जानिए नई तारीखें...

army recruitment in lucknow and faizabad
  • शुक्रवार, 22 सितंबर 2017
  • +

IAS अशोक खेमका ने अब किया ऐसा ट्वीट, अफसरशाही में मच गई खलबली

haryana ias ashok khemka controversial tweet
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

दो सगी बहनों से दुष्कर्म, दो आरोपी गिरफ्तार

Two real sisters raped, two accused arrested
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +

BJP को हराने के लिए, बिहार के बाद झारखंड में महागठबंधन

after bihar Anti-BJP front in jharkhand almost ready, says Lalu
  • शनिवार, 23 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!