आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

दूसरे दिन भी नहीं चलीं स्कूल वैन

Shahjahanpur

Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
स्कूलों में छोटे बच्चों की कर दी गई अनिश्चितकालीन छुट्टी
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी। यह कहावत तो सभी ने सुनी होगी। विभिन्न स्कूलों में बच्चों को लाने और उन्हें वापस घर पहुंचाने का काम करने वाले वैन संचालकों की स्थिति आजकल यही हो रही है। उनको सह देने का काम कर रहे हैं प्राइवेट स्कूल संचालक। दोनों को न तो बच्चों से कोई सरोकार है और न ही अभिभावकों की परेशानी से। यही कारण रहा कि शुक्रवार को भी वैन संचालकों ने छोटे बच्चों को स्कूल लाने की जहमत नहीं उठाई। जब अभिभावक वैन के नियत स्थान पर खड़े-खड़े थक गए तो वे स्वयं बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए। वहां उन्हें पता चला कि स्कूल में इन बच्चों की छुट्टी कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि वैन संचालक जर्जर वाहनों में अंधाधुंध बच्चों को भर लेते हैं। इनके पास स्कूल वाहन का परमिट भी नहीं है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ ने अभियान चलाकर जब चेकिंग शुरू की तो वाहन चालकों के पास न तो गाड़ी के कागज निकले और न ही कोई मानक पूरे कर रहा था। इस पर कुछ गाड़ियों के चालान काट दिए गए। चालान होने से वाहन संचालकों ने हड़ताल कर दी। कल 26 जुलाई को हड़ताल के कारण स्कूलों मेें अभिभावकों का तांता लग गया और रोड जाम हो गई। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ा।
स्कूल संचालकों ने एआरटीओ से वार्ता कर कुछ मोहलत मांगी। एआरटीओ ने एक सप्ताह का समय देकर मानक पूरे करने के निर्देश दिए। यह निर्देश भी वाहन संचालकों को रास नहीं आए और उन्होंने आज दूसरे दिन भी छोटे बच्चों को स्कूल नहीं पहुंचाया। खास बात यह रही कि बच्चों की छुट्टी की सूचना स्कूलों की ओर से अभिभावकों को नहीं दी गई। उन्हें छुट्टी की जानकारी स्कूल पहुंचने पर हुई। वहां नोटिस बोर्ड पर यह सूचना अंकित थी।


‘स्कूल संचालक फीस के लिए तो मैसेज भेजकर सूचना दे देते हैं, लेकिन छुट्टी की सूचना नहीं देते, जबकि उनके पास मोबाइल नंबर पहले से ही होेते हैं। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी वैन बच्चों को लेने नहीं आई। यह व्यवस्था बहुत खराब है। हम पैसा देते भरपूर देते हैं, फिर वैन को आना ही चाहिए। छुट्टी कोई समस्या का समाधान नहीं है।’
- डॉ. रेशू अग्रवाल, अभिभावक


‘हड़ताल नहीं की। एआरटीओ ने मानक पूरे करने को कहा और गाड़ी का चालान कर दिया। उस समय गाड़ी के कागज घर पर थे। मानक पूरे करने में खर्चा बहुत अधिक है। हम लोग छोटी पूंजी से गुजारा कर रहे हैं। कैसे खर्च उठा सकते हैं। स्कूल संचालक को पूरी बात बता दी थी। उन्होंने एआरटीओ से बात भी की थी। अब बच्चों का किराया बढ़ाना पड़ेगा, तभी परमिट का खर्च उठाया जा सकता है।’
- राजेंद्र, वैन संचालक
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

school van

स्पॉटलाइट

'अनुष्का शर्मा' की दिलकश अदाओं और परफेक्ट फिगर का ये है राज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

India Couture Week 2017: शर्मीली दिशा पाटनी का शो स्टॉपर अंदाज

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

लाल आंखें, शरीर पर बाघ जैसे निशान, लोगों ने पूछा 'कहीं यह एलियन तो नहीं'?

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

रफ्तार में दौड़ती ट्रेन की छत पर चला रहा था साइकिल, तभी बिगड़ा बैलेंस और...

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

19 साल की लड़की ने एक हफ्ते में इतनी बार जीती लॉटरी कि करोड़ों में पहुंचा बैंक बैलेंस

  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

Most Read

नीतीश के इस्तीफे पर अखिलेश का तंज, ट्वीट किया ये गाना

akhilesh yadav tweets about bihar matter
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

ये है बिहार का राजनीतिक गणित, जानिए किसके साथ बन सकती है सरकार

What will be bihar's new political equations after nitish kumar's resignation
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

ऑनलाइन भर्ती परीक्षा से पीछे हटा पुलिस विभाग, शासन को भेजा प्रस्ताव

police department will not conduct online  test for constable recruitment
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

बिहार सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के बयान की 20 बड़ी बातें

Bihar Chief Minister Nitish Kumar's statement after resignations
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

समायोजन रद्द होने पर यूपी के शिक्षामित्रों में उबाल, कई जगह प्रदर्शन

Shiksha Mitra Upon cancellation of the adjustment of UP education, stir in many places
  • गुरुवार, 27 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!