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‘धरतीफाड़’ से बढ़ेगी फसल की पैदावार

Shahjahanpur

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
आधुनिक खेती को मशहूर पुवायां में आए नए कृषि यंत्र
- ‘केन कल्टीवेटर’ से गन्ना किसानों को होगी भारी बचत
हरिओम त्रिवेदी
पुवायां। अन्न उत्पादन के मामले में प्रदेश भर में अपनी पहचान बनाने वाली पुवायां तहसील के किसान आधुनिक और वैज्ञानिक ढंग से खेती करते हैं। यहां तमाम तरह के कृषि यंत्रों को तैयार करने पर भी काम चलता रहता है। खेती के काम आने वाले दो नए कृषि यंत्र ‘धरतीफाड़’ और ‘केन कल्टीवेटर’ बाजार में आ गए हैं। आइए उनसे होने वाले लाभ और कार्यक्षमता से आपका परिचय कराते हैं।

पानी को गहराई तक
पहुंचाएगा ‘धरतीफाड़’
बुजुर्ग कहा करते थे कि फसल की बुवाई से पहले खेत में कई बार जोत करनी चाहिए। इससे फसल की पैदावार बढ़ जाती है। बैल और हल से खेती का काम कम होने पर और महंगाई बढ़ने पर लोग एक दो जोत कराने के बाद ही फसल बोने लगे, जिससे पैदावार पर विपरीत प्रभाव पड़ा। धरतीफाड़ इसी समस्या का समाधान है। इस यंत्र का काम यह है कि यह काफी गहराई तक जुताई कर देता है। जिस कारण पानी गहराई तक पहुंच जाता है और फसल में ज्यादा दिन तक नमी बनी रहती है। ऊपर पानी भरने से फसल को होने वाला नुकसान भी कम हो जाता है। कीमत 16 हजार रुपये।


केन कल्टीवेटर नष्ट
कर देता है खरपतवार
गन्ने में गुड़ाई का खासा महत्व है। गुड़ाई ज्यादा होने से खेत में खरपतवार नष्ट होने के साथ ही किल्ले ज्यादा निकलते हैं। श्रमिकों की समस्या के चलते और मजदूरी ज्यादा होने के कारण गन्ने में ज्यादा गुड़ाई नहीं हो पाती थीं। अब केन कल्टीवेटर से इस समस्या का निदान हो सकेगा। बाजार में केन कल्टीवेटर 15 हजार रुपये में उपलब्ध है। ट्रैक्टर से इस यंत्र के माध्यम से गुड़ाई करने में प्रति एकड़ सौ रुपये से भी कम खर्च आएगा। श्रमिकों से एक एकड़ गन्ने की गुड़ाई में लगभग डेढ़ हजार रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा समय भी ज्यादा बर्बाद होता है। यह यंत्र समय और धन दोनों को बचाएगा।




‘केन कल्टीवेटर जैसे यंत्र की मांग गन्ना किसान काफी समय से कर रहे थे। इसके आने से उनकी गुड़ाई की समस्या का हल होगा। धरतीफाड़ भी अति उपयोगी कृषि यंत्र है। दोनों यंत्रों को ट्रैक्टर से चलाने पर खर्च भी सीमित ही आता है। दोनों यंत्र किसानों के निए वरदान की तरह हैं।’
- धीरज शर्मा ‘राजा’, नंदा ब्रादर्स कृषि यंत्र उद्योग के स्वामी
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