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अव्यवस्थाओं के बीच एक घंटा देर से शुरू हुई काउंटिंग

Shahjahanpur

Updated Sun, 08 Jul 2012 12:00 PM IST
स्ट्रांग रूम तक जाने के लिए कोई रास्ता ही नहीं बनाया गया
- सील बंद पेटियों तक जाने को काफी देर भटकीं डीएम
- बैरीकेटिंग लांघकर जैसे-तैसे पहुंचीं स्ट्रांग रूम
-शौचालय-यूरिनल्स और पेयजल का भी रहा अकाल
- सिंगल काउंटिंग टेबिल से कर्मचारी भी हुए खासे परेशान
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। नगर निकाय चुनाव की मतगणना जीएफ कॉलेज में घोर अव्यवस्थाओं के बीच करीब एक घंटा विलंब से शुरू हो सकी। मतगणना स्थल पर हालत यह थी कि कदम-कदम पर प्रत्याशियों और उनके एजेंटों, मीडिया कर्मियों और यहां तक कि मतगणना में लगे कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मतगणना स्थल पर जिलाधिकारी रितु माहेश्वरी लगभग साढ़े आठ बजे पहुंचीं। वह सीडीओ विवेक वार्ष्णेय के साथ स्ट्रांग रूम में जाने के लिए इधर-उधर काफी देर तक दौड़भाग करती रहीं, लेकिन उन्हें स्ट्रांग रूप तक जाने का रास्ता ही नहीं मिला। बाद में बैरीकेटिंग लांघकर वह संकरे बरामदे से जैसे-तैसे स्ट्रांग रूम तक पहुंच सकीं। यहां डीएम ने सील बंद मतपेटियों को देखा, तबकहीं जाकर करीब नौ बजे काउंटिंग को सीलबंद पेटियां काउंटिंग टेबिल पर लानी शुरू की गईं। डीएम को वापस पांडाल में लाने के लिए एक किनारे से बल्लियां खोलकर रास्ता बनाया गया।
मतपत्रों की गिनती के लिए सिंगल टेबिल ही डाली गईं, जिससे पेटियों से जब मतपत्र बाहर निकाले गए तो कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मतपत्र अधिक होने के कारण तमाम मतपत्र जमीन पर गिर जाते थे। इसके बाद उन्हें अलग-अलग छांटने और उनके बंडल बनाने में भी कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों के लिए पंखाें तक की व्यवस्था नहीं थी, जबकि अधिकारियों के मैदान में बने पंडाल में दो-दो कूलरों की व्यवस्था थी।
इतना ही नहीं मतगणना स्थल पर किसी प्रकार के यूरिनल्स अथवा शौचालय की व्यवस्था भी नहीं की गई। पानी के लिए कॉलेज की एक टोंटी लगी थी, इसके अलावा मतगणना स्थल के बाहर नगर पालिका का टैंकर खड़ा किया गया था। टैंकर तक जाने के लिए प्रत्याशी एजेंटों को अनुमति नहीं थी, जिसने जाने की कोशिश की उसे सीडीओ के कोप का भाजन बनना पड़ा और किसी-किसी एजेंट को तो अपना पास भी गंवाना पड़ा। ऐसे एजेंटों को सीडीओ ने स्थल से बाहर का रास्ता भी दिखाने में गुरेज नहीं किया।
वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट गौरव वर्मा और एसडीएम सदर जयनाथ यादव की मेहनत एवं उनकी कार्य प्रणाली की सभी ने सराहना की।
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