आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

उर्वरकों की उपलब्धता में जुटा कृषि विभाग

Shahjahanpur

Updated Fri, 22 Jun 2012 12:00 PM IST
2.26 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई जाएंगी विभिन्न फसलें
0 धान की पैदावार से आच्छादित होगा 88.10 फीसदी रकबा
0 उर्वरकों की 1.37 लाख मीट्रिक टन मात्रा खपने का अनुमान
0 रासायनिक खादों की उपलब्धता सिर्फ 50918 मीट्रिक टन
शाहजहांपुर। रबी की तर्ज पर खरीफ फसली सीजन भी उर्वरकों की उपलब्धता के लिहाज से किसानों पर बहुत भारी पड़ता है, खासकर बुवाई के आसपास। वही इस बार भी हो रहा है। खरीफ की मुख्य फसल में शुमार धान की रोपाई होना तो दूर रहा, अभी पौध भी जरूरत के अनुसार तैयार नहीं हो पाई है, रासायनिक खादों के दाम चढ़ने लगे हैं। ऐसे में किसानों को राहत देने के लिए उर्वरकों की उपलब्धता को कृषि विभाग भी तत्पर हो उठा है, लेकिन मांग और मौजूदा स्टाक में भारी अंतर बरकरार है।
जिले में छोटे-बड़े कुल मिलाकर करीब सात लाख किसान हैं जो रबी और खरीफ सीजन में गेहूं-धान की पारंपरिक खेती का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। यहां तक कि साधन संपन्न फार्म हाउसों के मालिक भी निर्यातोन्मुखी कृषि अपनाकर कोई रिस्क लेने के बजाय यही दोनों फसलें लेते हैं। हर साल बुवाई का दौर शुरू होने पर उर्वरकों की डिमांड भी बढ़ जाती है और किसानों को ब्लैक में खादें खरीदनी पड़ती हैं।
इस बार भी धान की रोपाई रफ्तार पकड़ने से पहले ही यूरिया और डीएपी बैग की कीमत में सैकड़ों का इजाफा हो गया है। यही नहीं, डीएपी का विकल्प मानी जाने वाली सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) भी आंख दिखाने लगी है। किसानों को खाद मिलने में हो रही परेशानी भांपकर कृषि विभाग उपलब्धता को जुट गया है। चालू खरीफ सीजन में 1.95 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल लेने का लक्ष्य है।
अफसरों का अनुमान है कि खरीफ फसलों में 1.37 लाख मीट्रिक टन उर्वरक खप जाएंगे और उसी के अनुसार डिमांड भेजी गई है। इसके सापेक्ष विभागीय गोदामों, उर्वरक विक्रय केंद्रों और सहकारी समितियों मेें यूरिया, डीएपी, एनपीके, पोटाश और एसएसपी का केवल 50 हजार 918 मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि, निकट भविष्य में 38 हजार 200 मीट्रिक टन अतिरिक्त उर्वरक मिलने की उम्मीद है, लेकिन वह जरूरत पूरी करने को नाकाफी होगी।
000000
वर्जन.......................
‘फसलों की जरूरत के अनुसार विभिन्न उर्वरकों का माह वार लक्ष्य नियत किया गया है जो खरीफ सीजन के अंतिम माह सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इस माह जो उर्वरक उपलब्ध होंगे उनकी अवशेष मात्रा की उपलब्धता अगले तीन माह में मिल जाने की उम्मीद है। शासन ने सभी उर्वरकों की दरें भी निर्धारित कर दी हैं जिससे कि किसान भाई आर्थिक शोषण से बच सकें।’
-अखिलानंद पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा में सात नेताओं पर‌ गिरी अखिलेश की गाज, पार्टी से बाहर

seven expelled from SP.
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top