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अपात्रों ने उठाया 22 लाख का पेंशन

Sant kabir nagar

Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
संतकबीरनगर। महामाया गरीब आर्थिक मदद पेंशन योजना में तिकड़ी बैठाकर 301 अपात्र पेंशन का लाभ उठा रहे थे। करीब 22 लाख रुपये की रकम अपात्रों ने पेंशन के रुप में ले लिया। मामला संज्ञान में आने पर विभाग अब अपात्रों से पेंशन की रकम की रिकवरी कराए जाने की तैयारी में जुट गया है। इसके अलावा इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
बसपा सरकार ने वर्ष 2010 में गरीबों के लिए महामाया गरीब आर्थिक मदद पेंशन योजना संचालित किया था। पेंशन पाने की पात्रता शर्तों में यह था कि जिस परिवार में कोई वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन का लाभ नहीं पा रहा हो, बीपीएल एवं अंत्योदय कार्डधारक न हो, उसे इस पेंशन योजना के लिए पात्र माना जाए। ग्राम पंचायतोें के माध्यम से खुली बैठक में पात्रों का चयन करके सूची समाज कल्याण विभाग को भेजने का नियम था। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 22,535 पात्रों को महामाया गरीब आर्थिक मदद पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा था। सपा सरकार ने अप्रैल 2012 में महामाया गरीब आर्थिक मदद पेंशन योजना को बंद कर दिया। इस पेंशन योजना का नाम बदलकर रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना कर दिया गया।
शासन के निर्देश पर विभाग ने महामाया पेंशन योजना के पात्रों की बीडीओ के माध्यम से सत्यापन कराई। सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। जांच में पाया गया है कि करीब 301 अपात्र महामाया आर्थिक मदद पेंशन योजना का लाभ उठा रहे थे। जबकि 24 मृतक पाए गए हैं। प्रत्येक पात्र को 400 रुपये के हिसाब से पेंशन दिए जाने की योजना थी। छह-छह माह पर 2,400-2,400 रुपये की दो किस्त यानि वार्षिक 4,800 रुपये प्रत्येक लाभार्थी को पेंशन की धनराशि उनके खाते में भेजी जाती थी। विभागीय सूत्रों की माने तो करीब 22 लाख रुपये की रकम पेंशन के रुप में अपात्रों ने लिया है। जबकि पेंशन के आवेदन में पात्रता की शर्तें पूरा करने का एक कालम होता है। ग्राम पंचायतों में सेक्रेटरी की उपस्थिति में खुली बैठक में जब पात्रता का चयन किए जाने का प्रावधान था तो अपात्र कैसे पेंशन का लाभ उठा लिए। यह तगड़ा सवाल कायम है। वैसे अब मामला खुल जाने पर विभाग अपात्रों से पेंशन के धनराशि की रिकवरी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जुगत में जुट गया है।

सत्यापन में करीब 301 अपात्र महामाया पेंशन योजना में पाए गए हैं। जबकि 24 मृतक मिले हैं। अपात्रों से पेंशन की धनराशि की वसूली कराई जाएगी। इसके साथ पात्रता के चयन में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
आरके चौरसिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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