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चरम पर बिजली कटौती, पनप रहा आक्रोश

Sant kabir nagar

Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
संतकबीरनगर। निकाय चुनाव समाप्त होते ही जनपद की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। ग्रामीण अंचलों में बिजली का कोई ठिकाना नहीं है। हालात यह है कि नौकरी पेशेवालों की दिनचर्या बिगड़ गई है। इनवर्टर और मोबाइल तक लोग ठीक प्रकार से चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। आम आदमी से लेकर बुनकर और व्यवसाई सब बेहाल हैं।
खलीलाबाद शहर में भोर में 4 से 5 बजे तक, पूर्वाहन 11 बजे से अपराहन 3 बजे तक, फिर रात 8 बजे से 9 बजे तक और रात 10 बजे से 12 बजे की कटौती की जा रही है। फाल्ट होने की वजह से भी बीच-बीच में कटौती हो रही है। ऐसे में स्थिति साफ है कि शहर में बमुश्किल 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की स्थिति यह है कि दिन में 10 बजे के करीब आती है और 3 बजे चली जाती है। बीच बीच में लुकाछुपी का खेल भी खेलती है। रात 12 बजे आती है और भोर 4 बजे तक रहती है। गांवों में बिजली बमुश्किल 9 से 10 घंटे मिल पा रही है। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार 7 जुलाई से तहसील क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था बदहाल हो जाने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है। बुनकर मोहम्मद उमर, मैनुद्दीन, नसीर अहमद, मोहम्मद शरीफ, अब्दुल क्यूम आदि का कहना है कि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की बेहद दयनीय स्थिति में है। रोज नए मानक बदलने से बिजली बढ़ाने का लालीपाप दिया जा रहा है। बीते 48 घंटे से बिजली नहीं के बराबर रहने से बुनकर और मजदूर बेहाल हैं। पूछने पर विद्युत कर्मी यही कह मामले को टाल देते हैं कि फाल्ट हो गया है। क्षेत्रीय अर्जुन सिंह, विश्वनाथ ,गणेश आदि का कहना है कि जब बिजली आती है तो कर्मचारी फाल्ट ठीक करने चलते हैं। घंटे से अधिक समय तो फाल्ट ठीक करने में लगा देते हैं। बिजली रहने पर हर घंटे में चार से पांच बार कटौती की जाती है। दर्जन भर से अधिक गांवों में एक सप्ताह से बिजली का दर्शन तक लोगोें को नहीं हुआ है। विद्युतकर्मी मोबाइल स्विच आफ रखते हैं और पूछने पर चार्ज न होने का बहाना बनाते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने की तरफ प्रशासन ध्यान दे । बिजली विभाग के एक्सईएन का कहना है कि रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति की जाती है। बिजली की आपूर्ति का निर्धारण ऊपर से होता है। वैसे पूरी कोशिश की जाती है कि जनपद को बेहतर सुविधा दी जा सके।
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