आपका शहर Close

...मदीने वाले को मेरा सलाम कहना

Saharanpur

Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
देवबंद। पाक परवर दीगार ने जिस इंसान को हज करने की तोफीक अदा की वह बड़ा खुशनसीब है, लेकिन अगर किसी मजबूरी की वजह से कोई इंसान पाक मुकद्दस जगह मक्का मुनव्वरा (सऊदी अरब) नहीं पहुंच सका तो अमर उजाला उनकी ख्वाहिश पूरी करते हुए जहनी तौर पर उन्हें हज कराने का एक प्रयास कर रहा है।
अल्लाह का हुक्म होने के बाद मक्का मुनव्वरा में हाजिरी (हज) के लिए देवबंद से सऊदी अरब पहुंचे दारुल उलूम वक्फ के मौलाना इसराईल कासमी और मोहल्ला खानकाह के महजाद सिद्दीकी से सऊदी अरब में फोन पर बात करते हुए हमने यह प्रयास किया है कि जो लोग किसी मजबूरी की वजह से अल्लाह के घर जाने से रह गए उन्हें इन दोनों लोगों की जुबानी जहनी तौर पर हज कराया जाए। मौलाना इसराईल कासमी और महजाद सिद्दीकी ने बताया कि जिलहिज (अरबी महीने की तारीख) की 8 तारीख को उन्होंने गुस्ल किया और हज की नीयत करके सर पर अहरान बांध लिया और उसी दिन फजर की नमाज अदा करके मक्का मुनव्वरा से मीना के लिए रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि मक्का से छह किलो मीटर का सफर तय करके वह मीना पहुंचे और वहां जौहर, असर, मगरिब और ईशा की नमाज अदा की। जिसके बाद रात में वह मीना में ही रुके। अगले दिन यानि जिलहिज की 9 तारीख को यौम-ए-आरफा हुआ यानि मीना से फजर की नमाज अदा करके अराफात (हज का मैदान) पहुंचे और जौहर व असर की नमाज अदा की इस दरमियान (इस दौरान) हमनें तसबिह पढ़ी, अल्लाह का कलाम कुरआन पाक पढ़ा और अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी। सूरज गुरुब (डूबना) के बाद अराफात मुजदिफा में रुके। यहां पर हमने मगरिब व ईशा की नमाज अदा की और रातभर रुककर अल्लाह की इबादत की। जिलहिज की 10 तारीख को सूरज निकलने के बाद फजर की नमाज अदा की और मीना के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने के बाद बड़े शैतान को कंकर मारी उसके बाद कुर्बानी की। कुर्बानी करने के बाद हमने बाल कटवाए और वापस अपने खेमे में लौट आए। जिसके बाद पाबंदी पूरी होने पर सिर पर बंधा अहरान खोल दिया और अपने कपड़े पहन लिए। अब हमने मक्का में बैतुल्ला का तवाक किया ओर उसके बाद मीना वापस लौट आए। जिलहिज की 11 व 12 तारीख को हमने तीन शैतानों को कंकर मारी और 12 तारीख की शाम को सूरज गुरुब होने से पहले मक्का को रवाना हो गए। इस तरह उनके पांच दिन के हज के फराइज पूरे हो गए और अल्लाह की बारगाह में उनकी हाजिरी पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताआला अमर उजाला के इस प्रयास से उन लोगों का हज कुबूल करे जो मजबूरी की वजह से हज का सफर नहीं कर पाए लेकिन उनकी हज की नीयत थी।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

दिवाली पर पटाखे छोड़ने के बाद हाथों को धोना न भूलें, हो सकते हैं गंभीर रोग

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

इस एक्ट्रेस के प्यार को ठुकरा दिया सनी देओल ने, लंदन में छुपाकर रखी पत्नी

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

...जब बर्थडे पर फटेहाल दिखे थे बॉबी देओल तो सनी ने जबरन कटवाया था केक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

'ये हाथ नहीं हथौड़ा है': सनी देओल के दमदार डायलॉग्स, जो आज भी हैं जुबां पर

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

मां लक्ष्मी को करना है प्रसन्न तो आज रात इन 5 जगहों पर जरूर जलाएंं दीपक

  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

दीपावली पर सैफई में एकजुट दिखा पूरा ‘यादव परिवार’, मुलायम-रामगोपाल के बीच हुई 'गुप्त मंत्रणा'

Mulayam family came together in Saifai
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

20 से 24 अक्तूबर तक हवाई पट्टी बना रहेगा आगरा एक्सप्रेस-वे, नहीं चलेंगे वाहन

Flying test will be conducted during 20 to 24 October
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

संतों ने जताई अंतिम इच्छा: त्रेतायुग के दर्शन तो हो गए, अब राममंदिर बन जाए

last wish of sant in ramjanpbhumi
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

ताजमहल पर्यटन का एक बेहतरीन केंद्र, पर्यटकों के लिए सीएम योगी ने बनाई खास योजना

Chief Minister Yogi Adityanath visits Hanumangarhi Temple in Ayodhya of Uttar Pradesh
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +

राम और गाय से आगे नहीं सोच सकती भाजपा : लालू

bjp has no agenda apart cow and ram: lalu yadav
  • गुरुवार, 19 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!