आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

चिकित्सा केंद्रों को कसौंदी उखड़वाने के निर्देश

Saharanpur

Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
सहारनपुर। गांव सखरपुर गाड़ा में कसौंदी की फलियां खाने से तीन बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। जिले के सभी सामुदायिक और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को अलर्ट कर कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में उगे कसौंदी के पौधों पर निगरानी रखें। जिस गांव या क्षेत्र में कसौंदी नजर आए, वहां की ग्राम पंचायत या किसी सामाजिक संस्था की मदद लेकर उसे उखड़वा दिया जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को भी इसके प्रति जागरूक किया जाए।
सरसावा के गांव सखरपुर, पिलखनी, अलीपुरा, ब्राह्मण माजरा, नकुड़ के टोली, बाधी, गंगोह के कुंडा कलां, कुंडा खुर्द, दौलतपुर, नाजिरपुरा, चिलकाना के पठेड़, पटनी, रामपुर मनिहारान के गांव जंधेड़ा, जंधेड़ी, नंदपुर, उमाही कलां, अहमदपुर ब्राह्मण सहित अन्य ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अपने घरों के बाहर, आसपास, तालाबों के किनारे, खेतों में के पास उगे कसौंदी के पौधों को नष्ट करवाने शुरू कर दिए हैं।
कसौंदी को लेकर कुछ साल पहले भी स्वास्थ्य विभाग को जिले भर में अभियान चलाना पड़ा था। दिमागी बुखार से हुई मौतों के बाद वैज्ञानिक शोध में खुलासा हुआ था कि बच्चों की मौत के लिए काफी हद तक कसौंदी भी जिम्मेदार है। उस समय तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ऊषा तोमर ने जिले में कसौंदी के पौधे हटवाए थे। अभियान में मनरेगा मजदूरों के अलावा छात्र-छात्राओं तक को लगाया गया था। दो साल से स्वास्थ्य विभाग ने कसौंदी के प्रति लापरवाही बरती।

पूछेंगे, कहीं कसौंदी तो नहीं खाई
स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि उनके यहां बुखार, उल्टी या अचानक बेचैनी वाले बच्चे इलाज के लिए पहुंचे तो उनकी केस हिस्ट्री अभिभावकों से जरूर पूछें। यह पूछा जाए कि कहीं उसने कसौंदी की फलियां तो नहीं खाई हैं। आने वाले हर मरीज को भी आगाह किया जाएगा कि वह बच्चों को कसौंदी की फलियों से दूर रखें।

तीन महीने रहे सतर्क
कुछ साल पहले कसौंदी नियंत्रण अभियान में शामिल रहे डा. ओपी सिंह बताते हैं कि कसौंदी के पौधे से तीन महीने अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर ये पौधे अधिक मिलते हैं। इस दौरान इनकी फलियां बच्चे खा लेते हैं। इसलिए तीन माह की सावधानी से खतरे से बचा सकता है।

जनसहयोग जरूरी : सीएमओ
कसौंदी के लिए विभाग ने अपने स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों को निगरानी के लिए अलर्ट कर दिया है, मगर इससे ज्यादा जनसहयोग की जरूरत है। लोग जागरूक हों और कसौंदी के पौधों के पास बच्चों को न भेजें। ग्राम पंचायतों से इसे हटवाने के लिए सहयोग लिया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

'ट्यूबलाइट' का नया पोस्टर, सलमान के साथ खड़ा ये शख्स कौन?

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

आमिर, सलमान और शाहरुख को 'बाहुबली 2' से लेने चाहिए ये 5 सबक

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

ये कॉमेडियंस जल्द बनेंगे एक दूसरे के 'लाइफ पार्टनर'

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'बाहुबली 2' नहीं देखी तो ये आठ डायलॉग्स बयां करेंगे फिल्म की पूरी कहानी

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

बुद्धि तेज करनी है तो भगवान गणेश को चढ़ाएं ये खास चीज

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top