आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

लघु सिंचाई विभाग में 29 लाख का घोटाला

Pratapgarh

Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। जिले में मनरेगा कमाई का जरिया बन चुकी है। योजना की तिजोरी में दिनदहाड़े डाका डाला जा रहा है। लघु सिंचाई विभाग में करीब 29 लाख के घपले का मामला सामने आया है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई के बजाय अफसर उन्हें बचाने में जुटे हैं। जांच, एफआईआर जैसी कार्रवाई के बजाय किश्तों में रकम की रिकवरी का आदेश डीएम ने दिया है। यह मामला आरटीआई (जन सूचना अधिकार) के तहत जानकारी मांगने पर सामने आ गया। वित्तीय अनियमितता जैसे मामलों की इस तरह उपेक्षा लोगों के गले नहीं उतर रही।
जनता विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी तेज बहादुर सिंह ने आरटीआई के तहत एक सूचना मांगी थी। जिसमें लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शलभ श्रीवास्तव के जरिए 28 लाख 76 हजार तीन सौ रुपए के घपले का प्रकरण प्रकाश में आया। हालांकि इस मामले में अब तक जांच या एफआईआर जैसी कार्रवाई नहीं की गई है। डीएम ने घपला करने वालों से रकम की वसूली का आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा था कि यह धनराशि शीघ्र खाते में डलवाई जाए। मगर अब तक डीएम के आदेश पर अमल नहीं हो सका है। घपले के दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी उन्हें बचाने में जुटे हैं। नियम के विपरीत जिम्मेदार लोगों ने बगैर अनुमोदन के मनरेगा की धनराशि को खर्च कर दिया है। यह मनरेगा गाइड लाइन के खिलाफ है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शलभ श्रीवास्तव कहते हैं कि उन पर लगे सारे आरोप गलत हैं। पैसे का घपला नहीं हुआ है। वहीं यदि दी गई सूचना के आधार पर यह स्थितियां खुलेआम मनरेगा के धन में लूट की दशा को उजागर कर रही हैं।
परियोजना निदेशक एसएन चौधरी का कहना है कि ऐसा नहीं कि उस पैसे का घोटाला किया गया है। यह सच है कि बगैर अनुमोदन हुए उन्होंने दूसरी जगह उतने पैसे से काम करा दिया है। प्रशासन खुद मामले में अपने स्तर से कार्रवाई कर रहा है।
वहीं इस मामले में अधिवक्ता विवेक उपाध्याय का कहना है कि यदि रिकवरी के आदेश हैं तो जाहिर हैं कि आरोप साबित हैं। बगैर आरोप साबित हुए रिकवरी के आदेश नहीं हो सकते। घपले का प्रकरण है फ्राड कहलाता है। ऐसी दशा में एफआईआर और जांच जरूरी है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Open Letter: हीरोइन का अपडेटेड वर्जन नाकाबिले बर्दाश्त क्यों?

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

'रामायण' बनाने वाले की पोती तस्वीरें वायरल

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

यह खिलाड़ी साबित हुआ भारत के लिए विभीषण

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुले में नहाती हैं सुष्मिता, सैफ को है बाथरूम से प्यार

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ऑस्कर की 'कीमत' सिर्फ 10 अमेरिकी डॉलर

  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

Most Read

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

EC ने समाजवादी एम्बुलेंस से ‘समाजवादी’ शब्द ढंकने को कहा

 up chief election office orders to cover  samajwadi word from samajwadi ambulance
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top