आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

कंपनियों के सिंडीकेट से लग रही चपत

Pratapgarh

Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। आंवला उत्पाद बनाने वाली कंपनियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। कंपनियों ने एक दूसरे से टाइअप करके किसानों के आंवला का मूल्य निर्धारण ही कम किया है। मनमाने रेट पर आंवला खरीद कर इन कंपनियों ने किसानों को चपत लगाई। इसमें बिचौलियों ने भी जिले के किसानों को निशाना बनाया।
देश में आंवला के चार बड़े खरीदार हैं। इनमें डाबर, झंडु, हरनारायण गोकुलचंद और स्वामी रामदेव । इन सबने पहले तो किसानों से संपर्क कर खरीदारी शुरू की। इनके संपर्क में आने से किसानों का उत्साह बढ़ा और उन्होंने इसकी उपज भी बढ़ाई। बाग बढ़ाए और इसके प्रति अन्य लोगों को भी जोड़ने की कवायद की। इसमें बड़ी कंपनियों की दिलचस्पी देख बिचौलिए भी इस धंधे में कूद पड़े उन्होंने कंपनियों के प्रतिनिधियों को लालच देकर किसानों से कम पैसे में ही आंवला देने का वादा कर लिया। बिचौलियों के माध्यम से अन्य कंपनियों ने भी एक दूसरे से टाइअप कर लिया। यह तय किया गया कि आंवले की कीमत वह स्वयं निर्धारित करेंगे। सिंडीकेट बनने से किसानों को भारी नुकसान होने लगा। हालत यह हो गई कि उन्हें इन कंपनियों को आंवला बेचने का विचार त्यागना पड़ गया। स्थानीय स्तर पर लगने वाली आंवले की मंडी में भी दलालों का यह असर रहा कि अब भी वहीं आंवले की कीमत निर्धारित करते नजर आते हैं।
कंपनियां तो कम पैसे में आंवला खरीदकर महंगे आंवला उत्पाद बेच रही हैं। एक दूसरे से टाइअप होने के कारण वह स्वयं के निर्धारित रेट पर आंवला की खरीद करते हैं। उनके साथ बिचौलिए भी उनकी हां में हां मिलाकर मालामाल हो रहे हैं। आंवला को इधर से उधर करने में ही वह लाखों का वारा न्यारा कर रहे हैं। उधर आंवला किसान हैं कि उन्हें साल भर की मेहनत के बाद भी सिर्फ लागत निकाल पाना भारी हो जाता है। अगर फसल ठीक नहीं आई तो बाजार में उनके ही बिकने की नौबत आ जाती है।
आंवला किसानों को प्रशासन इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके लिए वह किसानों को पौधे, खाद, दवा और लगवाने के बाद सिंचाई के पैसे भी देता है। इतना सब तो प्रशासन किसानों के लिए करता है लेकिन उत्पादन का न तो रेट निर्धारित कर पाता है और न ही बाजार उपलब्ध करा पाता है। वन उपज माने जाने के कारण प्रशासन अपने हाथ खड़े कर देता है। आंवला उत्पादन में अग्रणी होने के बाद भी किसान मेहनत का फल नहीं पाता।
आंवला का उचित मूल्य न मिलने से कुछ किसानों ने इसे स्थानीय स्तर पर उत्पाद बनाकर बेचने का प्रयास भी किया। इनके उत्पाद बाहर के लोग तो खरीद ले जाते हैं, लेकिन जिले के लोग इस पर ध्यान ही नहीं देते। व्यापारी भी इसे बाहर के बाजारों में नहीं पहुंचा पाते। इसके चलते घरेलू उत्पाद प्रतापगढ़ के लोगों की अपेक्षाओं पर भी खरे नहीं उतर पाते।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Toyota Camry Hybrid: नो टेंशन नो पोल्यूशन

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या करीना कपूर ने बदल दिया अपने बेटे तैमूर का नाम ?

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Oscars 2017: घोषणा किसी की, अवॉर्ड किसी को

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

कजरारे कजरारे के बाद फिर बेटे बहू के साथ दिखेंगे बिग बी

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी दवा को तोड़कर खाते हैं? उससे पहले पढ़ें ये खबर

  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

Most Read

सपा मंत्री के काफिले पर हमला, 9 भाजपाई गिरफ्तार

attack on  sp minister awadesh prasad
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

सेना को अपशब्द कहने पर छात्र नेताओं में हुई मारपीट, कपड़े तक फाड़ डाले

clash in abvp sfs leaders at student center of punjab university due to use of word rapist for army
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बदलेगा मौसम, हिमाचल के 10 जिलों में कल भारी ओलावृष्टि की चेतावनी

 Heavy HailStorm Forecast for Himachal from 28th Febrary.
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top