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डिग्री कालेजों में खेल के रुपये का खेल

Pratapgarh

Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
संडवाचंद्रिका। जिले के डिग्री कालेजों में खेल के रुपये का खेल हो रहा है। अधिकांश महाविद्यालयों में खेल के मैदान नहीं हैं। स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों की बात तो दूर अनुदानित और राजकीय महाविद्यालयों में भी खेल शिक्षकों का अभाव है। खेल का मैदान और प्रशिक्षण न होने के बावजूद जिले के महाविद्यालयों में लाखों रुपये खेल मद में वसूले जाते हैं जबकि उनके प्रयास से शायद ही कोई नामचीन खिलाड़ी निकल सका हो। किसी विद्यार्थी ने सफलता अर्जित की, वह उसका अपना प्रयास रहा।
जिले में अनुदानित, राजकीय एवं स्ववित्त पोषित डिग्री कालेजों को मिलाकर 66 महाविद्यालय हैं। इनमें दो लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। महाविद्यालयों में क्रीड़ा शुल्क के रूप में पचास रुपये प्रति विद्यार्थी वसूले जाते हैं। क्रीड़ा शुल्क के रूप में जिले में लगभग एक करोड़ रुपये प्राप्त हो रहे हैं। किन्तु खेल की सुविधाएं शून्य हैं। अधिकांश महाविद्यालयों के पास खेल का मैदान नहीं है। जिनके पास मैदान हैं तो खेल शिक्षक नहीं है। प्रशिक्षण और प्रोत्साहन न मिलने से खेल में अभिरुचि रखने वाले छात्र-छात्राएं हतोत्साहित हैं। डिग्री कालेज भी खेल मद के रुपये को ठिकाने लगाने में लगे हैं। लाखों रुपये की खेल सामग्रियों के क्रय करने का खेल चल रहा है। टीम मैनेजर के नाम से टीए और डीए बना रहे हैं। कई अनुदानित महाविद्यालयों में समुचित उपयोग न होने से खेल मद की मोटी धनराशि बैंक खातों में पड़ी है। कुछ महाविद्यालयों में खेल धनराशि का प्रयोग भवन बनवाने में किया जा रहा है। स्ववित्त पोषित अनेक महाविद्यालयों में खेल के मैदान पर फसलें लहलहा रही हैं।
खिलाड़ी एवं छात्र नेता इमरान खान कहते हैं कि खिलाड़ियों पर पर्याप्त धनराशि न खर्च कर रुपये की बंदरबांट की जा रही है। डा. राम मनोहर लोहिया अवध विवि की क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष तथा एमडीपीजी के क्रीड़ाध्यक्ष प्रोफेसर ईश नारायण उपाध्याय कहते हैं कि खेल के मैदान का न होना तथा खेल शिक्षकों की कमी खेल प्रतिभा को निखारने में सबसे बड़ी बाधा है। इससे खेल मद का समुचित उपभोग नहीं हो पा रहा है। बताया कि जनपद के सात अनुदानित महाविद्यालयों में एमएमपीजी कालेज कालाकांकर एवं एमडीपीजी कालेज प्रतापगढ़ के अलावा कहीं भी क्रीड़ा शिक्षक नहीं हैं। इन महाविद्यालयों में भी क्रीड़ा शिक्षक के एक-एक पद रिक्त हैं।
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