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खतरे में है अप्रवासी पक्षियों की जान

Pilibhit

Updated Tue, 18 Dec 2012 05:31 AM IST
पीलीभीत। जिले के कई सरोवरों और स्थानों के विशाल जलाशयों में बसेरा जमाने वाले मेहमानों की जान खतरे में पड़ी है। वैसे तो इनकी सुरक्षा को लेकर नियम काफी सख्त हैं, फिर भी वन विभाग इनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है, नतीजतन अप्रवासी पक्षियों का जीवन खतरे में है।
जिले का अधिकांश भू -भाग नेपाल की तलहटी में बसा हुआ है। ठंडक शुरू होते ही विदेशी मेहमान पक्षियों को तराई का यह इलाका खूब भाता है। पहाड़ों की तलहटी में बसे लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले का एक हिस्सा हरे भरे आच्छदित वनों से घिरा है। वन क्षेत्र के अलावा जिले में 22 किलोमीटर लंबा शारदा सागर डैम है। जिले में कई स्थानों पर विशालकाय जलाशय हैं। नवंबर से अप्रवासीय पक्षियों के आने का क्रम फरवरी तक चलता है। जिले के ब्लॉक बिलसंडा और पूरनपुर के कई जलाशयों, सरोवरों और पीलीभीत के जंगल में स्थित चूका, शारदा सागर डैम आदि स्थानों पर ठंडक में विदेशी मेहमान अपना बसेरा जमाते हैं। इन प्रवासी पक्षियों के कलरव से यहां का शारदा सागर डैम, बिलसंडा का पसगवां, धनगवां जलाशय, लिलहर सरोवर, वमरौली का झालर तालाब, निगोही ब्रांच नहर आदि जलाशय गूंज उठे हैं। इन मेहमानों का आने का क्रम दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक चलता है। रंगबिरंगे मेहमान लोगों को कौतुहल बनते हैं। भोजन की तलाश में यहां आए मेहमान खुद शिकारियों के भोजन का शिकार बन जाते हैं। हालांकि इनकी सुरक्षा की जिम्मेंदारी वन विभाग की है, सुरक्षा में खामियों के कारण पक्षियों का शिकार रोक पाने में विभाग पूरी तरह से नाकाम है।
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सुरक्षा के नाम पर कागजों पर खानापूर्ति
शारदा सागर डैम और बिलसंडा के तालों पर साइबेरियन क्रेन, सीकपर, नील खर, सुरखाव, सहित तमाम पक्षी अब तक पहुंची चुके हैं। तालाबों पर प्रवास करने वाले पक्षियों की सुरक्षा को लेकर विभाग कागजी खानापूरी कर रहाल है। न कहीं कोई गश्त है न ही अब तक कोई शिकारी विभाग के हाथ चढ़ा है। विभाग के आंकड़ों में पिछले वर्ष भी कोई शिकार नहीं पकड़ा गया, जबकि हकीकत तो यह है कि इन विदेशी मेहमानों का जिले में धड़ल्ले से शिकार हो रहा है।
वर्जन
डीएफओ अरविंद कुमार पांडे कहते हैं कि ब्लॉक स्तर पर टीमों का गठन कर दिया गया है। समय-समय पर टीमें भ्रमण करती है। शिकार रोकने के लिए कोई ऐसा तंत्र नहीं है जो पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। सूचना के आधार पर ही टीम कार्रवाई करती है।
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