आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

रोक न हटी तो करोड़ाां पर फिरेगा पानी

Pilibhit

Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। खनन पर लगी रोक ईंट भट्टा कारोबार की जडे़ं हिलाकर रखकर देगी। अक्तूबर से शुरू होने वाले भट्टा सीजन को गति देने के लिए भट्टा स्वामी मिट्टी खनन के लिए किसानों को एडवांस भुगतान कर चुके हैं। लेबर भी एडवांस भुगतान लेकर भट्टों पर पहुंच चुकी है। ईंट फुंकाई के लिए कोयला भी खरीदा जा चुका है। खनन पर रोक न हटी तो यूपी के भट्टा स्वामियों के 4932 करोड़ रुपये के इंवेस्टमेंट पर पानी फिर जाएगा। पीलीभीत के भट्टा स्वामियों को 46 करोड़ का चूना लगेगा। ईंट निर्माण न होने से भाव भी तेजी पकड़ेगा और विकास कार्य पूरी तरह से प्रभावित होंगे।
पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने साढ़े पांच एकड़ खनन करने वालों के लिए पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया था। बाद में उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद साढ़े पांच एकड़ की शर्त हटा दी गई और किसी भी प्रकार के खनन के लिए पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य हो गया। ईंट भट्टा संघ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले सप्ताह संघ के पदाधिकारियों ने लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर बताया कि यूपी में 40 लाख लेबर भट्टों पर कार्य करती है। इन्हें चार हजार करोड़ रुपये का एडवांस भुगतान हो चुका है। 100 करोड़ रुपये मिट्टी खनन की मद में किसानों को दिए जा चुके हैं। 12 करोड़ रुपये प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को और 20 करोड़ रुपये जिला पंचायतों से जारी होने वाले लायसेंस शुल्क के रूप में दिए जा चुके हैं। पांच करोड़ रुपये से अधिक का कोयला खरीदा जा चुका है। खनन पर रोक न हटने से व्यवसाय का दिवाला निकल जाएगा। संघ के महामंत्री हरवंश दुलवानी बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने भट्टा की समस्याओं को गंभीरता से लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में भट्टा व्यवसाय का संचालन सुनिश्चित कराएं।
00
खर्च पर एक एक नजर
----------------
पीलीभीत में उ.प्र. में
---------------------------------
कुल भट्टे 150 16 हजार
मौजूद लेबर 37500 40 लाख
लेबर भुगतान 3.75 करोड़ 4000 करोड़ रुपये
खनन पर खर्च 94 लाख 100 करोड़ रुपये
प्रदूषण नियंत्रण शुल्क 11 लाख 12 करोड़ रुपये
जिला पंचायत शुल्क 19 लाख 20 करोड़ रुपये
कोयला पर खर्च 4.68 लाख 5 करोड़ रुपये
---------------------------------
व्यापार कर
व्यापार कर के रूप में ईंट भट्टा स्वामी यूपी में करीब 800 करोड़ रुपयेे का भुगतान करते हैं। जबकि अपने जिले में साढ़े सात करोड़ रुपये का भुगतान होता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

phirega water

स्पॉटलाइट

कभी सुनी हैं ऑफिस के बाथरूम की गॉसिप्स? होती हैं ये बातें

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

DU में 100 % कटऑफ से छात्रों को मिली राहत

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

'अंधेरा कायम' रखने के लिए खुद 15 दिन अंधेरे में रहे थे तमराज किलविश, अब दिखने लगे हैं ऐसे

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

B'Day Spl: सलमान का जीजा है ये एक्टर, हर मुश्किल दौर में करता है खान परिवार की मदद

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

चेहरे और दिमाग दोनों को रखेंगे फ्रेश ये हल्के-फुल्के योगासन

  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

Most Read

हिंसक हुआ जाट आरक्षण आंदोलन, तोड़-फोड़ आगजनी, धारा 144 लागू

jat agitation in bharatpur, train track and highway also block
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

लालू का दावा- राष्ट्रपति चुनाव जीतेंगी मीरा कुमार, नीतीश ने की भूल

Lalu Prasad Yadav said I will ask Nitish kumar to reconsider his decision
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

स्मार्ट सिटी राउंड थ्री में यूपी के तीन शहर, जानें- किन 30 शहरों को मिला मौका

lname of cities in smart city list round 3
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +

मिलिए 'लेडी सिंघम' से, इनके सामने बड़े से बड़े क्रिमिनल की हो जाती है पतलून गीली

lady singham ssp sonia singh in kanpur
  • सोमवार, 19 जून 2017
  • +

कैबिनेट बैठक: खुलेगा नौकरियों का पिटारा, होंगे ये बड़े फैसले

himachal cabinet meeting on 24th june
  • शनिवार, 24 जून 2017
  • +

रमजान के अंतिम शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश निरस्त, अब निबंधित अवकाश

cm yogi cancelled ramzan last friday holiday
  • शुक्रवार, 23 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top