आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

... तो इस तरह भी बदल सकता है बुनियादी शिक्षा का ढांचा

Pilibhit

Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। सरकारी बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। शिक्षकों का वेतन, स्कूल भवन, किताबें, शिक्षण सामग्री, छात्रवृत्ति और मिड डे मील पर भारी भरकम धनराशि खर्च होती है, फिर भी इन स्कूलों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का लक्ष्य कभी पूरा नहीं होता। बुद्धीजीवी वर्ग का मानना है कि सरकार यदि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा सरकारी स्कूलों में ही अनिवार्य कर दे तो व्यवस्था में परिवर्तन आएगा।
वर्तमान में जिले के 1195 प्राथमिक और 566 उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत 246587 बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए 6365 शिक्षकों की तैनाती है। सरकार इस व्यवस्था पर शिक्षकों के वेतन मद में करीब 15 करोड़, छात्रवृत्ति पर आठ करोड़, मिड डे मील पर 2.75 करोड़ रुपये मासिक खर्च करती है। शिक्षण सामग्री पर 7.5 करोड़ और ड्रेस पर 9.86 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च होते हैं। इस तरह साल भर में कुल मिलाकर 326 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इतना पैसा खर्च करने के बाद भी इन स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती। प्राइवेट स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के सामने यह बच्चे कहीं भी ठहर नहीं पाते। व्यवस्था में परिवर्तन के लिए शिक्षकों को समय समय पर प्रशिक्षण, डांट फटकार, विभागीय कार्रवाई जैसे प्रयास भी होते हैं लेकिन स्थिति फिर भी नहीं बदलती। उच्चाधिकारियों के निरीक्षण में इन स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता कई बार उजागर हो चुकी है। बुद्धिजीवी वर्ग इससे चिंतित हैं। अमर उजाला के साथ बातचीत में बुद्धिजीवी वर्ग ने व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ पहलुओं पर चर्चा की। यदि सरकार इसे गंभीरता से ले तो परिवर्तन की उम्मीद की जा सकेगी।
ऐसे आ सकेगा बदलाव
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर खानापुरी मात्र होती है। यही कारण है कि किसी शिक्षक का बच्चा इन स्कूलों में नहीं पढ़ता। कम से कम शिक्षकों के बच्चों के दाखिले तो अनिवार्य रूप से इन्हीं स्कूलों में होने चाहिए। व्यवस्था में बदलाव आ जाएगा।
कुश कुमार
अधिवक्त ा
0000
कहीं गुणवत्ता खराब तो कहीं मंहगी शिक्षा
सरकारी स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता अत्याधिक खराब और प्राइवेट स्कूलों में बेहद मंहगी है। अभिभावकों की इस समस्या पर सरकार का ध्यान ही नहीं जाता। अधिकारियों के बच्चों के एडमीशन सरकारी स्कूलों में हों तो व्यवस्था खुद ब खुद संभल जाएगी।
सैय्यद अली नवेद,
समाजिक कार्यकर्तां
अधिकारियों के बच्चों के हों एडमीशन
करोड़ों खर्च के बाद भी बुनियादी शिक्षा का ढ़ांचा बेहद कमजोर है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की औपचारिक्ता होती है। सुधार के प्रयास जमीनी हकीकत को छूते तक नहीं। बदलाव के लिए सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चों के एडमीशन सरकारी स्कूलों में हों।
डॉ विपिन नीरज
सार्थक दिशा में हों प्रयास
सरकारी स्कूलों में कई बार निरीक्षण के दौरान देखने को मिला कि बच्चे कुछ सीख नहीं पा रहे हैं। इसमें सुधार की आवश्यकता है। सुधार के लिए सरकारी प्रयास सार्थक दिशा में हों और शिक्षक अपने दायित्वों को ईमानदारी से पूरा करें। बदलाव आएगा।
शशि गुप्ता
अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

education framework

स्पॉटलाइट

कुछ लड़कियां क्यों नहीं करतीं जिंदगीभर शादी, लड़के जान लें

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

IndVsAus: अश्विन, जडेजा, जयंत से नहीं, कंगारुओं को इससे है डर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

रिसर्च: मोटे मर्दों की सेक्स लाइफ होती है शानदार

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सेल्फी के शौकीनों के लिए खुशखबरी, इस फोन में होगा 3D कैमरा

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

रजनीकांत की दीवानी है ये हीरोइन, अब साथ में करेगी काम

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

Most Read

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सोनिया की चिट्ठी- 'मोदी ने आपका सब कुछ छीन लिया'

for the first time soina gandhi does not take part in election campaign at raibarielly
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

समाजवादी जब जोश में होते हैं तो हाथ छोड़ भी साइकिल चला लेते हैं: अखिलेश

akhilesh yadav rally bahraich
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top