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‘सिफर’ से आगे नहीं बढ़ पाई धान खरीद

Pilibhit

Updated Thu, 18 Oct 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। सरकारी लक्ष्य तो दूर की बात है। जिले के सरकारी केंद्रों पर धान के एक दाने तक की बोहनी नहीं हुई है। सुबह से शाम तक कर्मचारी हाथ - हाथ पर रख कर बैठे हुए हैं। नमी का बहाना बताकर धान नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसे में औने-पौने दामों पर मंडी आढ़तियों को धान बेचने में किसान मजबूर हैं।
जिले भर में धान को बेचने के लिए करीब 63 सरकारी केंद्र लगाए है। धान का सरकारी रेट 1250 और ए ग्रेड का रेट 1280 रुपये है। सेंटर पर खरीद के कुछ मानक निर्धारित किए गए है, जिसमें 17 प्रतिशत से कम नमी वाले धान की खरीद होगी, जबकि वर्तमान में 20 से 27 प्रतिशत तक नमी का धान क्रय सेंटरों पर पहुंच रहा है। मानकों के हिसाब से मंडी समिति में स्थापित सेंटर में 17 दिन बीत जाने के बाद भी धान की खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में काश्तकारों को अपना धान 1000 रुपये से लेकर 1030 रुपये के बीच बेचना पड़ रहा है। एक पखवाड़े के बीत जाने के बाद सरकारी लक्ष्य कोसों दूर है।
157.3 मीट्रिक टन का लक्ष्य
जिले में धान खरीद के लिए 61 क्रय केंद्र खोले गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग के 12, पीपीएफ-19, एग्रो-03, यूपीएसएस-08, एसएफसी-07, कर्मचारी कल्याण निगम 03, एनसीसीएफ 06 और नैफेड 03 हैं। प्रति दिन कम से कम 300 क्विंटल खरीद के साथ इस सत्र में एक लाख 57 हजार 300 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य है।
किसान बोले, सेंटरों पर नहीं खरीदा जा रहा धान
गांव परी के रहने वाले मुहम्मद फारूक ने कहा कि सरकारी पेमेंट बहुत देर से मिलता है। नमी के चलते उनका धान खरीदने से इंकार कर दिया गया है। रुपयों की जरूरत थी ऐसे में धान को आढ़ती द्वारा बेच रहे है।
गांव असारी के रहने वाले रामदास का कहना है कि आढ़तियों से तुरंत धन मिलता है। जबकि सरकारी खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर रोजाना धक्कें खाने पड़ते है। धान बेचने में घाटा तो हो रहा है, मगर क्या करें।
गांव बड़ी अभारी के रहने वाले लालता प्रसाद ने बताया कि 17 प्रतिशत से कम नमी वाले धान की खरीद हो रही है। धान को खेतों में खड़ा भी नहीं रख सकते है। दशहरा और दीपावली नजदीक थे। इसीलिए बेच रहे है।
गांव मथनी जब्ती के जगजीत सिंह ने बताया कि काश्तकार को अभी भी सरकारी केंद्रों पर सुविधाएं नहीं मिल रही है। आढ़तियों द्वारा ही मंडी में खरीद हो पा रही है। जहां धन तुरंत मिलेगा वहां धान को बेचा जाएगा।
वर्जन
जल्द ही चालू हो जाएंगे अन्य सेंटर
मार्केटिंग के सभी सेंटर खुल गए हैं। अभी कच्चा धान होने और नमी के कारण खरीद नहीं शुरू हो पाई है। अगले दो दिनों में हर हाल में खरीद शुरू हो जाएगी। मार्केटिंग के सेंटरों पर सभी व्यवस्थाएं के निर्देश दे दिए गए हैं, जिसकी चेकिंग भी की जाएगी।
राजेश उपाध्याय, डिप्टी आरएमओ।
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