आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

स्वतंत्र विद्युत फीडर की कार्यवाही लटकी

Pilibhit

Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। जिला अस्पताल में मरीजों को 24 घंटे बिजली मिलने की योजना दो साल से अधर में लटकी है। बजट की स्वीकृति न होने पर बिजली महकमे ने अपने हाथ खींच लिए हैं। स्वतंत्र विद्युत फीडर की स्थापना को बिजली महकमे ने विभाग को करीब तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तो दे दिया, लेकिन उसकी अभी तक स्वीकृति नहीं हुई है।
शासन की ओर से जिला अस्पताल को चौबीस घंटे बिजली मुहैया कराने के लिये वर्ष 2010 में स्वतंत्र फीडर की स्थापना होनी थी। इसके लिए 132 केबी रूपपुर कमालू सब स्टेशन से जिला अस्पताल तक 11 हजार हाईटेंशन लाइन की स्थापना का खाका खींचा गया था। साथ ही चार सौ केबीए के दो ट्रांसफार्मर लगाकर अस्पताल के मेन मीटर तक लाइन देनी थी। इस प्रोजेक्ट का एस्टीमेट उस दौरान करीब ढाई करोड़ का था, लेकिन अब तक बजट रिलीज न होने के कारण योजना लटक गई। पूर्व में एडी हेल्थ रमेश श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन ने फीडर की डिमांड बनवाकर बिजली महकमे से एस्टीमेट मांगा है। विद्युत अधिकारियों ने नए रेट के संशोधन में करीब तीन करोड़ से ऊपर का स्टीमेट बनाकर विभाग को दे दिया, लेकिन स्वीकृति को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं हुई है।
क्या कहते जिला अस्पताल में मरीज
अब तो मौसम में भी काफी गर्मी हो गई है। रात में तीन घंटे वार्ड में अंधेरा रहता है। पिछले दिन तो लघुशंका जाते समय पैर भी फिसलने से बच गया। ऐसे में हम गरीब तो जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। - राजकुमार
अस्पताल में पिछले दस दिनों से भर्ती हो, दिन में तो कभी-कभी जनरेटर चल जाता है, लेकिन रात में नौ से बारह की कटौती में अंधकार रहता है। कई बार स्टाफ रूम से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो। ठाकुरदास
क्या कहते विद्युत अधिकारी
दो साल पूर्व विभाग ने एस्टीमेट बनाकर अस्पताल प्रशासन को सौंपा था, स्वीकृृति नहीं मिली। अस्पताल की डिमांड पर महकमे ने करीब तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा। पहले निर्माण कार्य रेटों में संशोधन हुआ है।
- अनुराग कटियार, प्रभारी एसडीओ
जो एस्टीमेट बिजली महकमे ने दिया, उसे विभागीय दस्तावेजों सहित मंडल कार्यालय भेज दिया गया है। स्वीकृति के इंतजार में एक लंबा समय हो गया है।
- डॉ केके शर्मा, कार्यवाहक सीएमएस।
स्वतंत्र विद्युत फीडर का प्रस्ताव विभाग को मिल गया है। स्वीकृति के लिए फाइल स्वास्थ्य निदेशालय भेज दी गई है। प्रोजेक्ट काफी बड़ा है। स्वीकृति मिलने से हजारों मरीज और तीमारदारों को लाभ मिल सकता है। इसके लिए प्रयासरत: है। - डॉ रमेश श्रीवास्तव, ऐडी हेल्थ
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

सपा-कांग्रेस का हुआ गठबंधन, सपा- 298, कांग्रेस-105 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

congress sp alliance sealed
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top