आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

टीकाकरण से वंचित हैं 40 हजार बच्चे

Pilibhit

Updated Mon, 17 Sep 2012 12:00 PM IST
शहर रहा फिसड्डी, पूरनपुर रहा अव्वल
55 हजार लक्ष्य के सापेक्ष सिर्फ 15 हजार बच्चों के लगे टीके
अगस्त माह की रिपोर्ट के बाद महकमे में हड़कंप
पीलीभीत। प्रदेश सरकार जहां करोड़ों रुपये खर्च करके स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में लगी है, लेकिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में उनका लाभ अब तक लोगों को नहीं मिल रहा है। अगस्त माह की सघन नियमित टीकाकरण योजना की रिपोर्ट के बाद महकमे के हाथ-पांव फूल गए हैं। शहर में ही सबसे निचले पायदान की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य महकमे की पोल खोल दी है। टीकाकरण के सारे दावे फेल हैं।
शासन की मंशा के अनुरूप जिले में नवजात शिशुओं को जन्म से लेकर पांच साल तक बच्चों का नियमित टीकाकरण होना था। इसमें टीबी, पोलियो, टिटनेस, डायरिया, काली खांसी, गला घोंटू, खसरा जैसी गंभीर बीमारियों के टीके बच्चों के लगने थे। प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर हफ्ते में बुधवार और शनिवार को टीके लगाए जाते थे, जिससे देहात क्षेत्र के अधिकांश बच्चे टीकाकरण से वंचित रह जाते थे। इन सभी तथ्यों पर जोर देते हुए जून से सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में प्रत्येक पीएचसी, सीएचसी और स्वास्थ्य केंद्रों पर छह दिवसीय टीकाकरण का आयोजन किया था। इसके तहत कोई भी ग्रामीण अपने शिशुओं को इन छह दिवसों में जाकर टीकाकरण करा सकता है। साथ ही बुधवार और शनिवार को टीकाकरण की व्यवस्था वैसे ही रहेगी। अगस्त माह में महकमे का सापेक्ष लक्ष्य 55,648 था, जिसके तहत पूरे जिले में मात्र 15,137 ही टीके लगे। विभाग केवल 27.20 प्रतिशत लक्ष्य तक ही सिमट कर रह गया। इसमें सबसे कम शहर 16.52 और पूरनपुर 30.81 प्रतिशत लक्ष्य से अव्वल रहा। हकीकत जानें तो टीकाकरण में एक बार जिला फिसड्डी साबित हुआ।

टीकाकरण, माह अगस्त की रिपोर्ट
....................................................
स्थान लक्ष्य प्राप्ति प्रतिशत
अमरिया 7111 1911 27.72
ललौरीखेड़ा 4875 1347 27.63
न्यूरिया 6385 1462 22.90
बरखेड़ा 5229 930 17.79
बीसलपुर 6586 1780 27.03
बिलसंडा 5717 1704 29.81
पूरनपुर 15,690 4834 30.81
अर्बन 4055 670 16.52
-----------------------
कुल लक्ष्य : 55,648
पूर्ण प्रतिरक्षित : 15,137
पूर्ण प्रतिरक्षित प्रतिशत : 27.20 प्रतिशत
---------------
टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य महकमा गंभीर है। जागरूकता का ग्रामीण क्षेत्र में अभाव है। शहरी क्षेत्र में लोग प्राइवेट चिकित्सकों से भी टीके लगवा लेते हैं। लक्ष्य को बढ़वाने में विभाग प्रयासरत है। स्टाफ की कमी मुख्य समस्या है।
डॉ राकेश तिवारी, सीएमओ
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

36 की उम्र में FIR की 'चंद्रमुखी चौटाला' कर रही हैं शादी, किसी को नहीं किया आमंत्रित

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

सफेद दाग की वजह से रहते हैं परेशान? ये उपाय दिलाएंगे राहत

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

एबी ने कहा, सिर्फ दक्षिण अफ्रीका और भारत के लिए खेलूंगा क्रिकेट

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विन डीजल के बच्चे की मां बनना चाहती हैं दीपिका पादुकोण, रण्‍ावीर क्‍याें चुप हैं?

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

इस हफ्ते क‌िसे म‌िलेगा प्रेमी से उपहार, क‌िसे प्रेमी से म‌िलेगा इंकार

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top