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टूटती सड़कों ने बिगाड़ी शहर की तस्वीर

Pilibhit

Updated Wed, 05 Sep 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। टूटती सड़कों और गड्ढों में भरे पानी ने शहर की खूबसूरती को बिगाड़ दिया है। यह सड़कें कब बनीं थीं और कब टूट गईं, इसकी जानकारी खुद नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार कर्मचारियों को ढूंढने के लिए समय चाहिए। आलम यह है कि शहरवासियों को निकलना दूभर है। बरसात में सड़क पर निकलते ही दूसरे वाहन गड्ढों में भरे पानी को उछालते हुए लोगों के कपड़े खराब कर देते हैं। अमर उजाला ने शहर की चार प्रमुख सड़कों का जायजा लिया। प्रस्तुत हैं इन सड़कों के हालात :
दृश्य-1
लेखराज चौराहे से दूधिया मंदिर मार्ग : इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हैं, जिनमें पानी भर जाता है। जर्जर सड़क से खासी परेशानी होती है। इस मार्ग पर दूधिया मंदिर, एकता सरोवर और नौगवां फाटक से शहर को आने का प्रमुख मार्ग है। इससे करीब आधा शहर प्रभावित है।
दृश्य-2
लाल रोड : इस मार्ग पर रंगीलाल चौराहा से होते हुए मेन मार्केट है। इससे इस मार्ग पर सबसे ज्यादा आवागमन रहता है, लेकिन इसकी हालत यह है कि सड़क पर जलभराव की स्थिति होने तथा जगह-जगह सड़क टूटी होने के कारण लोगों को आवागमन में खासी दिक्कत होती है।
दृश्य-3
रेलवे स्टेशन से कचहरी मार्ग : रेलवे स्टेशन से कचहरी जाने वाले मार्ग पर बरसात में निकलने का मतलब है कि आफत मोल लेना। गड्ढों में पानी भरने से मार्ग ध्वस्त कर दिया है। इस पर नगर पालिका, चीनी मिल आदि हैं।इसे रोजाना हजारों लोग रोजाना ही गुजरते हैं।
दृश्य-4
थाना सुनगढ़ी से उपाधि कॉलेज रोड : इस मार्ग की हालत तो बहुत दयनीय है। गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क पर हल्की बारिश में ही पानी भर जाता है। इस पर पैदल निकलना खतरे से खाली नही होता। इस मार्ग पर नई बस्ती, थाना सिंह, उपाधि कॉलेज, जीजीआईसी आदि हैं।
बाक्स
कभी नहीं हुई ठेकेदारों पर कार्रवाई
शहर की प्रमुख सड़कों की हालत खस्ताहाल है, लेकिन इनको बनाने वाले ठेकेदारों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बाक्स
सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा है : प्रभात
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रभात जायसवाल का कहना है कि गैस चौराहे से कचहरी जाने वाली सड़क और कोतवाली-गुरुद्वारा रोड का निर्माण कराया गया है। शेष सभी जर्जर सड़कें निर्माण के लिए प्रस्तावित हैं। बजट न मिलने के कारण इन पर निर्माण शुरू नहीं हो सका है। सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। धन आवंटित होते ही सड़कों का निर्माण कराया जाएगा।
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