आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

25 दिन में एक परिवार के पांच लोगों की मौत

Pilibhit

Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
बीसलपुर (पीलीभीत)। गांव मीरपुर रतनपुर के एक दलित परिवार में 25 दिन के भीतर दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। सीधे-सपाट तौर पर तो मौत की वजह टीबी बताई जा रही है लेकिन मुफलिसी के कारण इलाज न करा पाने की विवशता भी इसका कारण रही है। पांच लोगों की मौत से गांव वाले सकते में हैं। प्रशासन को इस बारे में ‘अमर उजाला’ से ही जानकारी मिली है। डीएम ने बीसलपुर के एसडीएम को गांव जाकर मंगलवार तक पूरी रिपोर्ट देने को कहा है।
बीसलपुर से 19 किलोमीटर दूर स्थित मीरपुर रतनपुर गांव में धानुक बिरादरी के सूबेदार का परिवार रहता था। सूबेदार को मरे वर्षों बीत गए। उनकी 80 वर्षीया बेवा कलावती भी सालों से बीमार हैं। एक महीने पहले उनके घर पर न जाने कुदरत का कैसा कहर शुरू हुआ। पहले बड़े बेटे नन्हेलाल की डेढ़ साल की बेटी मुन्नी और दो माह की नन्ही की तेज बुखार के कारण एक-एक कर मौत हो गई। फिर अगस्त के पहले हफ्ते में नन्हेलाल खुद चल बसा। 11 अगस्त को छोटे बेटे सोनपाल और अगले दिन बहू सरिता की मौत हो गई। जब इन दोनों की मौत हुई तो घर में अन्न का एक दाना भी न था तो कफन कहां से नसीब होता। सुनने और देख पाने में असमर्थ बीमार मां तो खटिया पर थी। घर में मौजूद बेवा बहू रामकुमारी क्या करती। लोगों की सलाह पर पुरानी धोती में लपेटकर दोनों को माला नदी में प्रवाहित कर दिया।
इधर बीमार मां को गांव के कुछ लोग चंदा कर रविवार को इलाज कराने ले गए हैं। साथ ही मां-बाप को खो चुका तीन वर्षीय गुलशन भी गया है, लेकिन उन्हें कहां भर्ती कराया गया है, यह रामकुमारी को नहीं पता। घर में बेवा रामकुमारी और उसके छह बच्चे हैं। पड़ोसी जो कुछ दे देते हैं, उसी को खाकर ये बच्चे जी रहे हैं।

प्रभारी चिकित्साधिकारी को नहीं जानकारी
पीएससी दियूरिया कलां के प्रभारी चिकित्साधिकारी हेमंत गंगवार का कहना है कि अस्पताल में टीबी रोग के उपचार की पर्याप्त व्यवस्था है और लैब टेक्नीशियन के न आने पर वह (चिकित्साधिकारी) स्वयं टीबी रोगियों को देखते हैं। उन्होंने मीरपुर रतनपुर में एक परिवार के तीन लोगाें के टीबी से मरने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर की। बोले, वह इस समय बरेली में हैं, अस्पताल की टीबी मरीज पंजिका देखने से ही स्पष्ट हो पाएगा कि इन लोगों का उनके अस्पताल में उपचार चल रहा था या नहीं।

वर्जन-1
टीबी से तीन लोगों के मरने की खबर अमर उजाला से पता चल रही है। आज अवकाश है। स्टाफ छुट्टी मना रहा है। मंगलवार को टीवी प्रतिरक्षण के डॉक्टरों से पूरे मामले पर जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही मामले में कुछ कह सकूंगा।
डॉ. राकेश तिवारी, सीएमओ-पीलीभीत।

वर्जन-2
एक ही परिवार के पांच लोगों के मरने की जानकारी नहीं है। पूरे मामले की रिपोर्ट एसडीएम बीसलपुर से मंगलवार दोपहर तक देने को कहा है। परिवार में अन्य बीमार लोगों का समुचित इलाज कराया जाएगा तथा गरीबी के कराण भुखमरी की बात सामने आती है तो उन्हें अनाज और आर्थिक मदद भी की जाएगी। -राजशेखर, डीएम-पीलीभीत।

ग्रामीणों ने ठहराया सरकारी अस्पताल को जिम्मेदार
बीसलपुर। गांव मीरपुर रतनपुर के लोग पांच लोगों की मौत का जिम्मेदार सरकारी अस्पताल दियूरिया कलां को ठहरा रहे हैं। बताया जाता है कि इस अस्पताल में स्टाफ, दवाइयों और संसाधनों का बेहद अभाव है। यद्यपि अस्पताल में टीबी का अनुभाग भी है और इसमें एक लैब टेक्नीशियन भी तैनात है। सोनपाल इस अस्पताल में दवा लेने अवश्य पहुंचा, लेकिन उसे कोई फायदा नहीं हुआ।




....और मौत अच्छी लगी जिंदगी देखकर
सगे भाइयों समेत पांच मौतों से बिखर गया कुनबा, बेवा के कंधे पर आया बूढ़ी सास समेत सात बच्चों का परिवार
विकास शुक्ला
मीरपुर रतनपुर (पीलीभीत)। भूख, बीमारी और मुफलिसी देखकर...मौत अच्छी लगी जिंदगी देखकर। प्रख्यात शायर डॉ. राजेश खरे का यह शेर एक ही परिवार के सगे भाइयों समेत पांच मौतों बाद बचे कुनबे को देखकर बरबस ही याद आ गया। परिवार में अब बेटों को खो चुकी बीमार मां, बेवा बहू और सात बच्चे बचे हैं। घर में खाने को न तो रोटी और न ही इलाज को पैसे। बीमार मां का कुछ लोग इलाज करा रहे हैं, जिनका पता किसी को नहीं है।
बाबूजी अब घर मा मजदूरी करन वाला कोउ न बचा
सोनपाल की बेवा रामकुमारी के अनुसार पति नन्हेलाल और देवर सोनपाल तथा देवरानी सरिता को टीबी थी। कुछ दिन इलाज भी कराया। लेकिन गरीबी और परिवार के गुजारे के लिए मजदूरी करने की मजबूरी के कारण इलाज छोड़ना पड़ा। गंभीर रोग के बावजूद सभी लोग मजदूरी कर किसी तरह पेट पाल रहे थे। बकौल रामकुमारी, सोनपाल और सरिता के शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए उनके पास एक पैसा न था। सबकी सलाह पर ही उनके शवों को गांव पुरैना के पास माला में बहाया गया। रोते हुए कहती है, ‘बाबूजी अब घर मा मजदूरी करन वाला कोउ नाइ बचा, कइसे बच्चन का पेट पालिब।’

उजाड़ हो गया सोनपाल का घर
20 पीबीटीपी 33
बीसलपुर। गांव मीरपुर रतनपुर में टीबी की चपेट में आकर मरे सोनपाल का घर पूरी तरह से वीरान हो गया है। सोनपाल, उनकी पत्नी सरिता और उनके दोनों पुत्रियों की मौत के बाद तीन वर्षीय पुत्र गुलशन रह गया है। वह भी अपनी बीमार दादी के साथ रहने लगा है। सोनपाल के घर अब कोई दीपक जलाने वाला भी नहीं रह गया है। सोनपाल के छप्परपोश घर में आवारा कुत्तों ने अपना बसेरा बना लिया है।
स्वाभिमानी थे दोनाें भाई
मीरपुर रतनपुर की ग्राम प्रधान विचित्रकली ने बताया है कि नन्हेलाल, सोनपाल, उनकी पत्नी सरिता और उनकी दोनों पुत्रियों की मौत गरीबी के कारण इलाज के अभाव में हुई है। प्रधान का कहना है कि यदि इनके पास पैसा होता तो वे इलाज करा लेते और शायद नहीं मरते। विचित्रकली के अनुसार दोनों भाई किसी को अपनी समस्या नहीं बताते थे और न ही मदद लेते थे। इसी गांव में रहने वाले बीडीसी सदस्य विजय सिंह ने बताया कि वह अपनी समस्या बताते तो उनकी आर्थिक मदद करते। गांव के कोटेदार यशवीर सिंह से भी दोनों भाइयों ने कभी मदद नहीं ली।
कई बार भूखे पेट सो जाता था परिवार
बीसलपुर। नन्हेलाल और सोनपाल का परिवार कई बार मजदूरी न मिलने पर रात को भूखे पेट सो जाता था। नन्हें लाल के पास अंत्योदय राशन कार्ड अवश्य था, लेकिन सोनपाल के पास अंत्योदय और बीपीएल में से कोई भी राशन कार्ड नहीं था। दोनों के पास छप्पर वाले घर थे। विकास विभाग ने भी इन दोनों भाइयों को इंदिरा आवास आवंटित कराने की जहमत नहीं उठाई। दोनों भूमिहीन थे। दोनों भाई मेहनत मजदूरी कर किसी तरह से अपने परिवाराें का बमुश्किल गुजारा करते थे। गांव वालों ने मदद क्यों नहीं की? पूछने पर गांव के सभी लोगों का यही जवाब था कि उन लोगों ने कभी अनाज अथवा पैसे की मांग नहीं की।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

25 death family day

स्पॉटलाइट

जायरा वसीम के समर्थन में उतरे आमिर, कहा, 'सभी के लिए रोल मॉडल है जायरा'

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

फरवरी में 823 साल बाद बनेगा शुभ संयोग, आपको म‌िलने वाला है बड़ा लाभ

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

खुद में न सिमटे रहें, मेलजोल बढ़ाने से होंगे ये जबरदस्त फायदे

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

जायरा के बारे में वो बातें, जो आप नहीं जानते

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

19 को लॉन्च होगा Xiaomi Note 4, जानिए कीमत और खासियत

  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

Most Read

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

सपा में दो राष्ट्रीय अध्यक्ष! मुलायम की नेमप्लेट के नीचे लगा अखिलेश का बोर्ड

akhilesh yadav name plate in sp office as sp chief
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +

इस्तीफे की खबर पर पंजाब बीजेपी अध्यक्ष ने दी सफाई

Vijay Sampla offered to quit as Punjab BJP Chief
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +

पार्टी और साइक‌िल पर कब्जा म‌िलने के बाद मुलायम से म‌िलने पहुंचे अख‌िलेश

after getting cycle akhilesh yadav meets mulayam singh
  • सोमवार, 16 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top