आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बाघ से दहशत, सतर्कता के निर्देश

Pilibhit

Updated Sat, 18 Aug 2012 12:00 PM IST
पद चिन्ह मिलेे, टीम ने घायल से पूछताछ की
बाघ ट्रैंकुलाइज न कराने से बढ़ रहा गुस्सा

पीलीभीत/ पूरनपुर। बाघ के हमले में घायल किशोर से अफसरों ने सीएचसी में पूछताछ की। जंगल किनारे बाघ और उसके पद चिन्हों की तलाश की। लोगों से बाघ को लेकर सतर्क रहने का आवाहन किया। हमलों के बावजूद बाघ के ट्रैंकुलाइज न होने से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। दहशत के चलते किसान खेतों में नहीं जा रहे है।
मालूम हो कि गांव जटपुरा, गजरौला खास, बिलहरी के आस-पास कई दिनों से डेरा जमाए बाघ ने कल गांव जटपुरा निवासी दीपू पर उस समय हमला कर घायल कर दिया था जब वह अपने पिता राजकुमार सिंह के साथ धान के खेत में निराई करने गया था। सामाजिक वानिकी के अफसरों ने सीएचसी में किशोर और उसके पिता से घटना के बारे में पूछताछ की। रेंजर अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बाघ के चिन्ह मिले हैं। आसपास के गांव के लोगों से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि बाघ को जंगल में खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे है, लेकिन खेतों में गन्ने की फसल से इसमें सफलता हाथ नहीं लग पा रही है। बाघ की दहशत के चलते किसान खेतों में जाने से कतरा रहे है। स्वीकृत के बाद भी बाघ ट्रैंकुलाइज न कराने को लेकर लोगों में दिनों-दिन वन विभाग के अफसरों के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। असुरक्षा के अभाव में मौतों से घट रही है बाघ और लैपर्ड की संख्या
इको टूरिज्म को भेजा गया प्रस्ताव लटका
टाइगर प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद भी अड़चन

माधोटांडा। जिले के जंगल की प्राकृतिक सौंदर्य के रुप में अलग पहचान है। जहां इको टूरिज्म के लिए भेजा गया प्रस्ताव शासन की हरी झंडी के लिए इंतजार में लंबित पड़ा है। वहीं टाइगर प्रोजेक्ट की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद भी केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच लटका हुआ है। जंगल से बाघ और लैपर्ड की संख्या सुरक्षा के अभाव में मौते होने से घटती जा रही है।
प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पीलीभीत के हरे-भरे जंगलों की राजनीतिक उपेक्षा के चलते न तो यहां का जंगल सेंच्युरी और टाइगर प्रोजेक्ट घोषित हो सका था और न ही पर्यटन को बढ़ावा देने को इसे इको टूरिज्म घोषित किया जा सका। जंगलों मेें बाघ और लैपर्ड हमेशा अधिक रहे। टाइगर प्रोजेक्ट लागू करने को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार में लंबे समय से आपत्ति लगाने और उनका निस्तारण करने में ही लंबा समय बीत गया। नतीजे में जंगल से बाघों और तेदुओं की संख्या घटने लगी है। पिछले सालों में विभिन्न कारणों से छह बाघ और तीन लैपर्ड की मौत हो चुकी है। अधिकांश की पानी में डूबकर स्वभाविक मौत बताई गई, लेकिन हो हल्ला होने पर शिकारी भी पकड़े गए थे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : मनवीर से अंडे फुड़वाएंगे शाहरुख, सलमान हो जाएंगे हैरान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

इन प्राकृतिक तरीकों से घर पर बनाएं ब्लीच, त्वचा को नहीं होगा नुकसान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सोई हुई लड़कियों को गंदे तरीके से उठाते हैं लड़के, देखिए जापान का अजीब गेम शो

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने हासिल किया ऐसा मुकाम, पहली ही कोशिश में बना सीए

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पीरियड्स के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम, पड़ सकते हैं भारी

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सपा ने कहा- करीब-करीब टूट ही गया गठबंधन, कांग्रेस का जवाब- कल पता चलेगा

akhilesh yadav says alliance is poosible with congress
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

...तो सीएम हरीश रावत इन दो सीटों से चुनाव में ठोकेंगे ताल?

harish rawat may contest in election from two seats
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top