आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हर कोई जिम्मेदार है इस बदइंतजामी को

Pilibhit

Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था के लचर होने से हर कोई परेशान है। इससे तमाम समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसके लिए कोई एक जिम्मेदार नहीं है। व्यवस्था को तैनात पुलिस जहां अपनी ड्यूटी के प्रति सजग नही हैं। वहीं नियमों की अनदेखी के लिए नगर के लोग खुद भी जिम्मेदार हैं।
शहर के स्टेशन रोड और जेपी रोड पर कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण बाजार आने वाले लोग अपने वाहन दुकानों के आसपास ही खड़े करते हैं। जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं। दूसरों की परवाह किए बगैर लोग अपने वाहन आड़े- तिरछे खडे़ कर या तो फोन पर बातें करने लगते हैं या वाहन सड़क पर छोड़ इधर-उधर चले जाते हैं।
इसके अलावा भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लोग जल्दी आगे निकलने की होड़ में यातायात नियमों को कुचलते हुए आगे बढ़ते हैं। इससे भी कई जगह स्थिति खराब होती है। नो इंट्री जोन में घुस आने वाले बड़े वाहन भी समस्या पैदा करते हैं। गंभीर बात यह है कि न तो यातायात विभाग इस समस्या के समाधान को ठोस कदम उठा रहा है और न ही लोग खुद व्यवस्था सुदृढ़ बनाने को तैयार हैं।
0000
सभी करें मिलकर प्रयास
नगर पालिका अध्यक्ष प्रभात जायसवाल का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। लोग यातायात नियमों का पालन करें और विभाग के कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें तो समस्या का समाधान संभव है।
0000
अधिक परेशानी उसूल वालों को
डॉ आदित्य पांडे का कहना है कि यातायात नियमों का पालन न करने के कारण वह लोग अधिक परेशानी का सामना करते हैं जो उसूलों के पाबंद हैं। खास तौर पर युवा वर्ग को इसकी कोई परवाह नहीं रहती। गलत तरीके से ड्राइविंग और नियमों के उल्लंघन पर रोक जरूरी है।
0000
नियमों के पालन पर ध्यान दें
व्यापारी राकेश महोदय बताते हैं कि शहर में हर रोज जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर बाजार में अधिक समस्या आती है। यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जब तक लोग नियमों का पालन नहीं करेंगेे, समस्या का समाधान संभव नहीं है।
0000
ईमानदारी से करें नियमों का पालन
अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने का मुख्य कारण लोगों की लापरवाही और विभागीय कर्मचारियों का दायित्वों का ईमानदारी से पालन न करना है। लोग सिविक सेंस का इस्तेमाल ही नहीं करते। ऐसे में परेशानी सभी को उठानी पड़ती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

आपके मां बाप ने भी जमकर बोले होंगे ये झूठ, जानिए और पकड़ लीजिए

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पंजाबी फिल्मों का सुपरस्टार था धर्मेंद्र का ये भाई, शूट के दौरान ही कर दी गई हत्या

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

चंद मिनट के रोल से रातोंरात स्टार बन गया था ये एक्टर, अब है थियेटर की दुनिया का राजा

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

घर में पैसे की बरसात कर देगा तिजोरी में रखा ये बीज, जानें रखने का तरीका

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

पहली डेट पर जाते वक्त लड़कियों के दिमाग में चलती हैं ये बातें

  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

Most Read

योगी के मंत्री ने कहा- गोली से दिया जवाब तब मिला पद

Yogi minister Nand Gopal bad talk, said the bullet answer was given to the bullet then got the post
  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

यूपी में एक साथ 222 वरिष्ठ PCS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

senior PCS transferred in Uttar   Pradesh.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

पठानकोट: मिला लावारिस बैग, सर्च ऑपरेशन जारी

bsf on High alert in Pathankot after suspicious bag found
  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

सीएम योगी की अफसरों को चेतावनीः अब नहीं सुधरे तो सीधे होंगे बर्खास्त

officers will get two chances for improve their work, says cm yogi
  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

बाइकसवार पांच लोगों को ट्रक ने रौंदा, पत‌ि-पत्नी, बच्चों सह‌ित पांचों की मौत

 five people of a family died in a accident in amrthi
  • सोमवार, 29 मई 2017
  • +

नीतीश के PM मोदी के साथ लंच पर तेजस्वी का तंज, कहा- चटनी पॉलिटिक्स

cm Nitish kumar will attend pm Modi's banquet
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top