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हर कोई जिम्मेदार है इस बदइंतजामी को

Pilibhit

Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था के लचर होने से हर कोई परेशान है। इससे तमाम समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसके लिए कोई एक जिम्मेदार नहीं है। व्यवस्था को तैनात पुलिस जहां अपनी ड्यूटी के प्रति सजग नही हैं। वहीं नियमों की अनदेखी के लिए नगर के लोग खुद भी जिम्मेदार हैं।
शहर के स्टेशन रोड और जेपी रोड पर कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण बाजार आने वाले लोग अपने वाहन दुकानों के आसपास ही खड़े करते हैं। जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं। दूसरों की परवाह किए बगैर लोग अपने वाहन आड़े- तिरछे खडे़ कर या तो फोन पर बातें करने लगते हैं या वाहन सड़क पर छोड़ इधर-उधर चले जाते हैं।
इसके अलावा भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लोग जल्दी आगे निकलने की होड़ में यातायात नियमों को कुचलते हुए आगे बढ़ते हैं। इससे भी कई जगह स्थिति खराब होती है। नो इंट्री जोन में घुस आने वाले बड़े वाहन भी समस्या पैदा करते हैं। गंभीर बात यह है कि न तो यातायात विभाग इस समस्या के समाधान को ठोस कदम उठा रहा है और न ही लोग खुद व्यवस्था सुदृढ़ बनाने को तैयार हैं।
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सभी करें मिलकर प्रयास
नगर पालिका अध्यक्ष प्रभात जायसवाल का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। लोग यातायात नियमों का पालन करें और विभाग के कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें तो समस्या का समाधान संभव है।
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अधिक परेशानी उसूल वालों को
डॉ आदित्य पांडे का कहना है कि यातायात नियमों का पालन न करने के कारण वह लोग अधिक परेशानी का सामना करते हैं जो उसूलों के पाबंद हैं। खास तौर पर युवा वर्ग को इसकी कोई परवाह नहीं रहती। गलत तरीके से ड्राइविंग और नियमों के उल्लंघन पर रोक जरूरी है।
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नियमों के पालन पर ध्यान दें
व्यापारी राकेश महोदय बताते हैं कि शहर में हर रोज जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। खास तौर पर बाजार में अधिक समस्या आती है। यातायात व्यवस्था बनाने के लिए जब तक लोग नियमों का पालन नहीं करेंगेे, समस्या का समाधान संभव नहीं है।
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ईमानदारी से करें नियमों का पालन
अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ने का मुख्य कारण लोगों की लापरवाही और विभागीय कर्मचारियों का दायित्वों का ईमानदारी से पालन न करना है। लोग सिविक सेंस का इस्तेमाल ही नहीं करते। ऐसे में परेशानी सभी को उठानी पड़ती है।
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