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गर्मी के साथ सब्जियों के भाव चढ़े

Pilibhit

Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। एक सप्ताह में गर्मी बढ़ने के साथ ही सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। हरी सब्जियां खरीदना आम आदमी के लिए मुश्किल होता जा रहा है। मंडी में सब्जियों की आवक कम होने से ऐसे हुआ है। जानकार बताते हैं कि भीषण गर्मी में होने वाले हरी सब्जियों के नुकसान के कारण ऐसा हुआ है।
भीषण गर्मी के कारण मंडियों में हरी सब्जी की आवक कम हो जाती है। यही कारण है कि हरी सब्जियों की कीमतों में अचानक इजाफा हो गया है। एक सप्ताह के अंदर हरी सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। आलम यह है कि पालक 10 रुपये से 15 रुपये, लौकी 10 से 15 रुपये, बैगन 16 से 20 रुपये, भिंडी 15 से 30 रुपये, कटहल 15 से 20 रुपये में बिकने लगा है। इसी तरह प्रत्येक सब्जी में पांच से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है। हरी सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोत्तरी का असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। गृहणियों का बजट गड़बड़ा गया है। दालों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे थे। अब हरी सब्जियां भी महंगी हो गईं। इससे मजदूर तबके के लोगों को दो जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है।
बाक्स
एक सप्ताह में बढ़े सब्जियों के दाम
सब्जी पहले अब
पालक 10 रुपये 15 रुपये
लौकी 10 रुपये 15 रुपये
बैगन 16 रुपये 20 रुपये
भिंडी 15 रुपये 30 रुपये
कटहल 15 रुपये 20 रुपये
बंद गोभी 50 रुपये 60 रुपये
करेला 20 रुपये 30 रुपये
शिमला मिर्च 60 रुपये 80 रुपये
बाक्स
क्या कहती हैं गृहणियां
17 पीबीटीपी 1,2,3,4
आवास विकास कॉलोनी निवासी निशा राठौर कहती हैं कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनका रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। इस महंगाई ने तो अब जीना मुहाल कर रखा है। मोहल्ला ताखान निवासी शेषा मिश्रा गृहणी का कहना है कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में हरी सब्जियां आम लोगों से दूर होती जा रही है। गोदावरी स्टेट की रहने वाली स्वाति कहती हैं कि सब्जियों के दामों में अगर इसी तरह से वृद्धि होती रहेगी तो आम लोगों के लिए हरी सब्जियां दूर की कौड़ी होगी। सरकार को सब्जियों के बढ़ रहे दामों पर नियंत्रण करना चाहिए। नई बस्ती की मधुर शर्मा रसोई के बिगड़े बजट से काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि सब्जियों के दाम इसी तरह से बढ़ते रहे तो आम आदमी सब्जी खाने को तरस जाएगे।
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