आपका शहर Close

जब फाइल ही बंद, तो कैसे खुले बर्न यूनिट

Pilibhit

Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। जिले की 20 लाख की आबादी वाले इस जिले के बड़े अस्पताल में बर्न वार्ड महज दिखावा है। मामूली रूप से झुलसे मरीजों को ही यहां उपचार मिलता है। गंभीर रूप से जले ज्यादातर लोगों को बरेली या लखनऊ रेफर कर दिए जाता है। हैरानी की बात तो यह है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस समस्या पर कभी ध्यान ही नहीं दिया। लिखापढ़ी में जिला अस्पताल में संचालित बर्न वार्ड में भी संसाधनों का अभाव है। इसका खामियाजा मरीजों और उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।
गर्मी के मौसम में जब तेज हवा चलती है तो जिले के ग्रामीण इलाकों में शायद की कोई दिन बचता हो जिसमें अग्नि दुर्घटनाएं न होती हैं। इनमें लोग अक्सर झुलस जाते हैं। कभी-कभी को आग लोगों को जिंदा निगल लेती है, जो लोग झुलसते हैं उन्हें जिला अस्पताल ही लाया जाता है। इसके अलावा आग लगा लेने और आग लगा देने के मामले में यहां होते ही रहते हैं। उनको भी जिला अस्पताल लाया जाता है। बर्न यूनिट न होने के कारण इन लोगों का इलाज भगवान भरोसे ही रहता है। बेहतर इलाज के अभाव में लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। इससे समय के साथ उन्हें अधिक धन तो बर्बाद करना पड़ता ही है साथ ही बर्न पीड़ित को इलाज के अभाव में अपनी जान गंवानी पड़ती है।
बता दें कि जिले में सात विकास खंड और इनमें 1443 गांव हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करे तो प्रतिवर्ष 150 से लेकर दो सौ पीड़ित बर्न के हैं। इनमें से 40 फीसदी बर्न पीड़ित 80 प्रतिशत के ऊपर के हैं। दो वर्ष पूर्व जिला अस्पताल प्रशासन ने शासन को जिला अस्पताल में बर्न यूनिट स्थापित कराने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इस प्रस्ताव पर आज तक कोई अमल नहीं हुआ। जिला अस्पताल में बर्न के मरीजों को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल में छह बेडों का बर्न वार्ड तो बना है, लेकिन उसका कोई पुरसाहाल नहीं हैं। खिड़िकयों में टूटे शीशे, इधर-उधर पड़े बेड बर्न वार्ड की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। यहां स्थित बर्न वार्ड में एसी की भी व्यवस्था भी नहीं है। पीड़ित की साफ-सफाई से लेकर जरूरी उपकरण, माइनर ओटी का अभाव है। एमएसएम सीएच प्लास्टिक सर्जन न होने के कारण यहां सामन्यतौर पर 35 प्रतिशत बर्न के पुरुष और 45 प्रतिशत तक बर्न की महिलाओं को वार्ड में देखा जाता है। 45 प्रतिशत के ऊपर वाले बर्न रोगियों को बरेली या लखनऊ भेज दिया जाता है। समय अभाव के कारण समुचित इलाज न हो पाने पर पीड़ित की जान भी चली जाती है।
बाक्स
आंकड़े
वर्ष बर्न पीड़ितों की संख्या
2010 182
2011 179
2012 212
वर्जन
16पीबीटीपी 3
बर्न यूनिट के लिए दो वर्ष पहले प्रस्ताव बनाकर फाइल शासन को भेजी गई थी। बर्न वार्ड में महज सामान्य रूप से झुलसे पीड़ितों को वार्ड में देखा जाता है। बार्ड में भर्ती होने पर मच्छरदानी समेत जो सुविधाएं उपलब्ध हैं, वो पीड़ित को दी जाती हैं। 45 प्रतिशत से अधिक झुलसे लोगाें को अधिकतर बरेली रेफर किया जाता है।
आरआर गहलौत, सीएमएस
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

श्रीदेव सुमन विवि परीक्षा हॉल निर्माण कार्य अंतिम चरण में

श्रीदेव सुमन विवि परीक्षा हॉल निर्माण कार्य अंतिम चरण में
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

दो आईएएस और पांच पीसीएस अधिकारियों के तबादले, देखिए कहां हुआ फेरबदल

Transfer of PCS and IAS officers in other parodies
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!