आपका शहर Close

अध्यक्ष के आवास पर चलता था दफ्तर

Pilibhit

Updated Sat, 16 Jun 2012 12:00 PM IST
पूरनपुर। 1978 से पूर्व पूरनपुर टाउन एरिया था। जो अध्यक्ष चुना जाता था उसी के घर में ही टाउन एरिया का दफ्तर खुल जाता था। लंबे आंदोलन के बाद अस्तित्व में आई नगर पालिका के 19 जून 1979 को पूर्व विधायक प्रमोद कुमार प्रधान पहले अध्यक्ष और रमेश चंद्र शर्मा प्रशासक बने थे।
बुजुर्गो के के मुताबिक पूरनपुर को 1938 में टाउन एरिया का दर्जा मिला था। इसके पहले अध्यक्ष दौलतराम थे। उस समय टाउन एरिया कार्यालय उनके घर मेें था।1942 में मोहल्ला गनेशगंज के रामबहादुर बिसारिया, 1947 व 1952 में पूर्व विधायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहन लाल आचार्य, 1957 मेें पूर्व विधायक और सपा नेता गोपाल कृष्ण सक्सेना के पिता पूर्व विधायक बाबू हरनारायन लाल सक्सेना अध्यक्ष बने थे। वे दो बार टाउन एरिया के अध्यक्ष रहे। 1965 में मोहल्ला साहूकारा निवासी हारुन खां चेयरमैन बने। इन वर्षों में टाउन एरिया का जो भी अध्यक्ष बना, दफ्तर उनके घर में ही बना। 1976 में कम वसूली के कारण टाउन एरिया भंग कर सुपर सीट घोषित कर दी गई थी। 1977 में टाउन एरिया को नगर पालिका बनाने, चीनी मिल व टीवी टावर की स्थापना सहित 21 मांगों को लेकर युवा प्रगतिशील संगठन ने अनशन शुरू किया था। नगर के धर्मेंद्र सक्सेना व मोबीन आमरण अनशन पर बैठे थे। अनशन कारियों की हालत बिगड़ने पर 28 अक्तूबर 1977 में नगर मेें विशाल मशाल जूलूस निकाला गया था। जूलूस के दौरान उस समय तैनात रहे एसडीएम असदुल्ला ने सरफराज अहमद खां, लियाकत हुसैन समेत नौ लोगों को गिरफ्तार करा दिया था। प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी होने पर नगर में बवाल हो गया था। सैकड़ों की भीड़ ने थाना घेर लिया था। पुलिस ने फायरिंग की थी। जिसमें आंदोलनकारी नगर निवासी रघुनंदन प्रसाद और अंबरीश कुमार की जान चली गई थी।
धरना-प्रदर्शन और अनशन के बाद वर्ष 1978 में टाउन एरिया को नगर पालिका का दर्जा दिया गया। 19 जून 1979 को प्रशासक के रुप में रमेश चंद्र शर्मा तैनात हुए थे। पालिका के पहले अध्यक्ष के रुप में 13 नवंबर 1988 से 19 जनवरी 1994 तक पूर्व विधायक प्रमोद कुमार प्रधान चेयरमैन रहे। इसके बाद बीस जनवरी 1984 से 29 जनू 1994 तक प्रशासक के रुप मेें श्रीपाल वर्मा, 30 जून 1994 से 30 नवंबर 1995 तक हरवंश सिंह प्रशासक तैनात रहे। एक दिसंबर 1995 से 11 दिसंबर वर्ष 2000 हसीन बानो, दिसंबर 2000 से 2005 तक मुन्ने मियां अंजाना चेयरमैन रहे। इसके बाद वर्ष 2005 में दो दिसंबर से 16 जून 2006 तक प्रशासक के रुप में एसडीएम ओपी आर्य रहे। इसके बाद एसडीएम ओपी वर्मा प्रशासक रहे। पिछले कार्यकाल में वर्षा रानी पांच साल चेयरपर्सन रही।
Comments

Browse By Tags

office accommodation

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

दो आईएएस और पांच पीसीएस अधिकारियों के तबादले, देखिए कहां हुआ फेरबदल

Transfer of PCS and IAS officers in other parodies
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!