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महादान में आहुति दें, लाभ और पुण्य कमाएं

Pilibhit

Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। हमारे आपके थोड़े से रक्त से किसी का जीवन बच जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। आखिर इंसान ही इंसान के काम आता है। बस एक मजबूत संकल्प की जरूरत है। खास यह है कि इस महादान में आहुति देने वालों की सेहत को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। समाज में फैली भ्रांतियों पर न जाएं। पुण्य के साथ लाभ कमाएं।
आज विश्व रक्तदान दिवस है। जेसीआई पीलीभीत मिड टाउन ने जिला अस्पताल में स्वैच्छिक रक्तदान की पहल की है। इसका अन्य संगठनों को भी अनुसरण करना चाहिए। हालांकि, जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में खाद्यान्न आढ़ती समिति, रोटरी क्लब, संत निरंकारी मिशन, पुष्प इंस्टीट्यूट, ग्रामीण अंचलीलय पत्रकार एसोसिएशन पूरनपुर के नवदिया बंकी स्थित गुरुद्वारा में इस वर्ष लगे रक्तदान शिविरों में करीब 300 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया। ब्लड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक करीब 1500 यूनिट ब्लड गंभीर रोगियों के लिए प्रति वर्ष जरूरत होती है। कम पड़ने वाले खून को रिप्लेसमेंट योजना से पूरा किया जाता है। इसमें उन लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है जिनके मरीज खून के अभाव में जिंदगी और मौत से जूझ रहे होते हैं। काश लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान का जज्बा बढ़ जाए तो इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
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इन्होंने भी किया स्वैच्छिक रक्तदान
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के आंकड़े बताते हैं कि शहर के अजीत पाल सिंह बिंद्रा, भास्कर उपाध्याय, पंकज लोधी व अजीत कुमार अक्सर रक्तदान करते हैं। एसएसबी के कुछ जवान भी रक्तदान करने आते हैं।
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यह हैं रक्तदान के फायदे
जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन नायाब रसूल बताते हैं कि रक्तदान करने से नई लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण होता है। रक्त धमनियों की सफाई हो जाती है।
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रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां
लोग सोचते हैं कि रक्तदान से शरीर में खून में की कमी हो जाती है। शरीर कमजोर पड़ जाता है। स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है। कहीं अधिक खून न निकाल लिया जाए। हालांकि यह महज भ्रांतियां ही हैं।
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कौन कब दे सकता है खून
ब्लड बैंक के डॉ महावीर सिंह बताते हैं कि 18 से 50 वर्ष तक की आयु के लोग रक्तदान कर सकते हैं। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति तीन माह में एक बार रक्तदान कर सकते हैं।
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स्वैच्छिक रक्तदान के सिवा कोई चारा नहीं
खून न तो किसी खेत में पैदा हो सकता है और न ही किसी फैक्ट्री में इसका निर्माण हो सकता है। रक्तदान ही एक मात्र विकल्प है। आज रक्तदान दिवस पर रक्तदान का संकल्प लेने की जरूरत है।
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