आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

केमिकल्स के बढ़ते इस्तेमाल से खतरे में जन जीवन

Pilibhit

Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। कम समय में अधिक फसलों का उत्पादन धीरे -धीरे परंपरा बनता जा रहा है। उर्वरक, रसायन और कीटनाशकों के इस्तेमाल ने गेहूं से दालों तक और सब्जियों से फलों तक की पैदावार में व्यापक बढ़ोतरी तो की, लेकिन पोशक तत्व नष्ट कर डाले। भूमि की उर्वरा शक्ति भी तेजी से घट रही है। इन फसलों के इस्तेमाल से हार्ट अटैक, कैंसर और मधुमेह जैसे रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। जबकि जैविक खेती इसके विपरीत परिणाम देती है। कम मुनाफे के कारण में किसान इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
किसानों ने उर्वरकों, पेस्टीसाइड्स, और तरह तरह के केमिकल्स का इस्तेमाल फसलों में किया। नतीजे में गेहूं, धान, गन्ना, सब्जियां और फलों की फसलों में काफी बढ़ोतरी तो हो गई , लेकिन भूमि की उर्वरा शक्ति बेहद कमजोर हो गई। भूमि का आर्गेनिक कार्बन कम होने से किसानों को फसलों में इन तत्वों का प्रयोग बढ़ाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि उर्वरकों, पेस्टीसाइड्स और केमिकल्स के इस्तेमाल से उपजी फसलें सेहत के लिए नुकसान का कारण बनने लगीं। डाक्टरों की माने तो हरी सब्जियां न सिर्फ सेहत के लिए नुकसान का कारण बल्कि कई गंभीर बीमारियों का सबब भी बन रही हैं। इसे रोकने के लिए कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के पास किसानों को जागरूक करने के सिवा दूसरा कोई चारा ही नहीं है।
0000
बाक्स
एक चौथाई रह गया आर्गेनिक कार्बन
उर्वरकों, पेस्टीसाइड्स, और तरह तरह के केमिकल्स के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर हो रही है। भूमि की आर्गेनिक कार्बन क्षमता चौथाई रह गई है। इसे 0.8 होना चाहिए। यह अब 0.2 तक आ गई है। फसल चक्र बदलने और जैविक खादों जैविक रक्षा उत्पादों के इस्तेमाल से ही इसे रोका जा सकता है।
डॉ एनसी त्रिपाठी
कृषि वैज्ञानिक, केवीके
0000
बाक्स
मानसिकता बदलने का हो रहा प्रयास
कृषि विभाग समय समय पर होने वाली कार्यशालाओं व बैठकों में किसानों को उर्वरकों, पेस्टीसाइड्स, और केमिकल्स का इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसे रोकने के लिए हरी खाद और ढ़ैंचा की बुवाई करने की सलाह दी जाती है। कृषकों की मानसिकता बदलने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
पीएल गंगवार
उप जिला कृषि अधिकारी
0000
बाक्स
खतरनाक रोगों में हो रही बढ़ोत्तरी
कृषि उत्पादों में बढ़ता उर्वरकों, पेस्टीसाइड्स, और केमिकल्स का इस्तेमाल लोगों के जीवन से खिलवाड़ है। अन्न से लेकर सब्जियां और फल सभी कुछ अपनी पौष्टिक क्षमता खो रहे हैं। इनके इस्तेमाल से कई प्रकार के रोग तेजी से बढ़े हैं। यह उत्पाद कैंसर, हार्टअटैक और मधुमेह का कारण बन रहे हैं।
डॉ आदित्य पांडे
फिजीशियन
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

शरद से ब्रेकअप के बाद टूट गई थी दिव्यांका, इस एक्टर ने बदल दी जिंदगी

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

फिल्में न होने के बावजूद करोड़ों की मालकिन हैं रेखा, लाइफस्टाइल देख होगी जलन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

इस नक्षत्र में जन्मे लोग आम और आंवले के पेड़ से रहें दूर, फायदे में रहेंगे

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गॉडफादर न होने पर क्या होता है, कोई इस हीरोइन से पूछे! पहली फिल्म में कुछ यूं हुई थी बेबस

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

अखिलेश ने उठाए सवाल, पूछा-ईदगाह पर क्यों नहीं आए सीएम योगी

akhilesh yadav questions why CM yogi did not visit Eidgah on Eid.
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top