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रोडवेज डिपो में बसों के लिए जगह ही नहीं

Pilibhit

Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
पीलीभीत। यहां का रोडवेज डिपो मुसाफिरों और कर्मचारियों के लिए सर दर्द है। बसें खड़ी करने को यहां जगह नही है। करीब की राइस मिलों से उड़ने वाली धूल से तमाम कर्मचारी अस्थमा से ग्रस्त हो चुके हैं।
रोडवेज कार्यालय भवन अत्यधिक जर्जर में है। कब ढह जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। सीमेंट की चादरों से बनी छत बारिश में कर्मचारियों को बैठने नहीं देती। दफ्तर के नाम पर बड़ा हाल है। इसमें रिकार्ड रहता है। रिकार्ड रूम का कोई कक्ष न होने के कारण तीन तरफ से अलमारियां खड़ी कर उसके पीछे रिकार्ड कचरे की तरह भरा जाता है।
कर्मचारियों का कहना है कि इस स्थान पर सांप बिच्छुओं ने भी अपना घर बना लिया है। मच्छरों को भी यहां छिपने को खासी जगह मिल गई है। रात की बात छोड़िए, मच्छर दिन में ही हमले करते हैं। इस कार्यालय के पीछे स्थित वर्कशाप में स्थान काफी कम है, जिससे बसें खड़ी नहीं हो पातीं।
रोडवेज में 66 बसें हैं। इनके मेंटीनेंस के लिए इतने ही कर्मचारी चाहिए, जबकि वर्कशाप में मात्र 30 लोगों का स्टाफ है। बसों में कई काम प्राइवेट तरीके से इधर- उधर कराए जाते हैं। कर्मचारियों के लिए विश्राम कक्ष नहीं होने के कारण उन्हें बाहर पड़े लकड़ी के तख्त या फिर बस की सीटों पर ही विश्राम करना पड़ता है। यात्री सुविधाओं की बात करें तो रोडवेज में यात्रियों के बैैठने को भी पर्याप्त स्थान नहीं है। यात्री सड़क पर खड़े होकर बसों की प्रतीक्षा करते हैं या फिर रोडवेज के आसपास के होटलों में बैठ कर समय काटना पड़ता है। अधिकांश बसें रोडवेज के बजाए एकता सरोवर के आसपास ही खड़ी की जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को खासी दिक्कत होती है।
इंसेट
अधिकारियों को बताने के बाद भी नहीं मिली निजात
वर्कशाप फोरमैन कैलाश नाथ ने बताया कि रोडवेज के पास स्थित राइस मिलों से उड़ने वाली धूल से तमाम कर्मचारी सांस रोग से पीड़ित हो चुके हैं। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
इंसेट
हालात बदलने को भेजा प्रस्ताव
03 पीबीटीपी 12
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार वर्मा का कहना है कि रोडवेज के हालात बदलने के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजे गए। बजट न मिलने के कारण कोई काम नहीं कराया जा सका। कर्मचारियों की संख्या कम होने के सवाल पर बोले कि कुछ काम बाहर से काम कराया जाता है। इसके लिए आउट सोर्सिंग मद में धनराशि प्राप्त होती है।
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