आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

श्री राम लीला में रावण दहन और उससे पूर्व राम रावण के युद्ध का मंचन ।

Moradabad

Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST

लाइनपार रामलीला में शाम करीब छह बजे आयुक्त मुरादाबाद मंडल सुरेंद्र कुमार वर्मा ने पताका पूजन किया। भगवान राम की इस पताका पूजन के उपरांत प्रसाद वितरण हुआ। इसी के साथ रामलीला ग्राउंड के रास्तों पर झाकियां निकली। इस दौरान डीआईजी शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएम संजय कुमार, एसएसपी विजय सिंह मीना सहित जिला प्रशासन, नगर निगम आदि के अफसरान् मौजूद रहे।

आकर्षक रहा आतिशबाजी का नजारा
रामलीला ग्राउंड में शाम साढ़े छह बजे से आतिशबाजी शुरू हुई। मैदान में गोले दग रहे थे तो आसमान में फैल रही सतरंगी रोशनी से रह-रहकर समूचा मैदान नहा रहा था। आधे मैदान में आतिशबाजी का जाल बिछा था। कभी सुनहरी और सफेद रौशनी के फौव्वारे छूटते तो कभी रंग-बिरंगा स्वास्तिक का चिन्ह बांस पर सतरंगी रोशनी छोड़ते हुए नाचने लगता। आतिशबाजी का यह नजारा लोगों खासकर बच्चों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र था। करीब दो घंटे तक जमीन से लेकर आसमान तक रंग-बिरंगी रौशनी से रामलीला मैदान गुलजार रहा।

रामजी की निकली सवारी...
ग्राउंड पर एक के पीछे दूसरी झांकियां चल रही थी। बैलगाड़ी पर बने मंच में रावण विराजमान था तो पीछे उसकी सेना पैदल चल रही थी। दूसरी बैलगाड़ी के मंच पर राम-लक्ष्मण और हनुमान की झांकी थी तो नीचे वानर सेना थी। एक रथ में सुग्रीव, जामवंत और अंगद सवार थे तो एक बैलगाड़ी में राधा-कृष्ण की जोड़ी का नृत्य मन मयूर को आह्लादित कर रहा था। दशहरा मेले में चार दर्जन से अधिक झांकियां थी। रथ पर देवी दुर्गा, शेषनाग पर लेटे भगवान विष्णु, देवी दुर्गा, मेघनाद, राम दरबार आदि की झांकियां नीचे लगे इंजन के जरिए लगातार घूम रही थी, जिसके सामने आते ही लोग बच्चों और महिलाओं को झांकियों की ओर इशारा कर दिखाते।

जितनी मैदान में उतनी बाहर भीड़
दशहरा मेला देखने के लिए लाइनपार दर्शकों का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की तादात् में मैदान के चारों ओर दर्शक मौजूद थे। जितनी भीड़ मैदान में थी उतनी ही मैदान के बाहर मेले में। रामलीला मैदान के सामने ग्राउंड पर लगे झूलों में बच्चे झूल रहे थे तो गुब्बारों से लेकर खान-पान की दुकानों तक भारी भीड़ की वजह से शाम छह बजे से ही रामलीला ग्राउंड के 500 मीटर दूर से लोगों का बाइक पर निकलना मुश्किल था। भीड़ की वजह से लोग बच्चों को अपने गोद से चिपकाए थे ताकि बच्चे कहीं इधर-उधर भटक न जाएं।

सुरक्षा का रहा तगड़ा इंतजाम
रामलीला मैदान से करीब दो किलोमीटर दूर से ही सुरक्षा का चौकस प्रबंध किया गया था। जगह-जगह बैरियर लगाकर वाहनों को रोका जा रहा था। रामलीला ग्राउंड से पहले कई बैरियर बनाए गए थे जहां से आगे छोटे-बड़े वाहनों को नहीं जाने दिया जा रहा था। ग्राउंड में सड़के के किनारों से चौतरफा बैरीकेटिंग थी जिसके पीछे ही दर्शकों को रखा गया। पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात थे।

अस्थियां लूटने को टूट पड़ी भीड़
राम का बाण लगते ही जैसे रावण का पुतला जला तो दर्शकों की भीड़ बैरीकेटिंग पार कर मैदान में अस्थियां लूटने को टूट पड़ी। अस्थियां बीनने को तमाम दर्शक एक-दूसरे के ऊपर गिरे। बांस के एक-एक टुकड़े पर कई-कई हांथ पड़े और आपस में टुकड़ाें के लिए खींचतान हुई। इसके साथ ही शहर के रेलवे कालोनी हरथला, कांशीराम नगर, बुद्घि विहार सहित जगह-जगह जले पुतलों की अस्थियां बीनने को लोग टूट पड़े। मान्यता है कि बिस्तर के नीचे रावण की अस्थियां रखने से बच्चों को भूत-प्रेत का डर नहीं सताता।

धूं-धूंकर जला सौ फिट का रावण
लाइनपार रामलीला ग्राउंड में सौ फिट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। दस सिरों के बीच गधे रूपी सिर के ऊपर लगी छतरी और हाथ में मौजूद ढाल हवा से लगातार घूम रही थी तो पुतले का 2 फिट चौड़ा नाभि चक्र आग लगने पर सुनहरी और सफेद रोशनी के साथ 7 मिनट तक लगातार घूमता रहा। बारूद के जरिए नाभि चक्र को तैयार किया गया था जिससे घूमते हुए निकल रही रोशनी मुख्य आकर्षण थी।


विविध भांति वाहन रथ जाना, विपुल बरन पताक ध्वज नाना...। विभिन्न प्रकार की पताकाओं से सजे राम और रावण की सेनाओं के रथ रणभूमि पर उतर चुके थे। एक ओर रावण अट्टहास करते हुए वानर-भालुओं को मारते-काटते आगे बढ़ रहा था तो दूसरी ओर राम-लक्ष्मण के बाणों की वर्षा से राक्षस धराशाई हो रहे थे। तलवार, गदाओं के टकराने पर हुंकार गूंज रही थी। रथ से उतरकर राम-रावण जमीन पर आए और एक-दूसरे पर बाणों की वर्षा करने लगे। बाण वर्षा के बीच ही छूट रही आतिशबाजी से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों बाणों के टकराने पर अग्निवर्षा हो रही हो। जमीन युद्घ से फिर दोनों रथ पर सवार हो गए। धायऊ पर क्रुद्घ दसकंधर, संमुख चले हूह दै बंदर...। बंदर-भालू रावण के सामने आते तो अपनी हुंकार से रावण को चिढ़ाते हुए आगे बढ़ते जिससे रावण का क्रोध और भी बढ़ जाता और वह कभी तलवार तो कभी बाणों की वर्षा से राम की सेना पर प्रहार करता।
रावण और राम में लंबे युद्घ को देख विभीषण भगवान राम के पास पहुंचे और बताया कि रावण की नाभि में अमृत कुंड है। उस पर प्रहार करने से ही रावण का अंत होगा। इस पर भगवान राम ने रावण की नाभि को निशाना बनाकर बाण चलाया और बाण लगते ही दशानन गिर पड़ा। डोली भूमि गिरा दसकंधर, छुभित सिंधु सरि दिग्गज भूधर...। रावण के गिरते ही चारों ओर भगवान राम की जय-जयकार होने लगी। बरषहिं सुमन देव मुनि वृंदा, जय कृपाल जय जयति मुकुंदा... का सुर, नरि, मुनि और देवता गान करने लगे। देवताओं ने आकाश से पुष्प वर्षा की। रावण के साथ राक्षसों के अंत से बानर भालू खुशी से उछल रहे थे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

महिलाओं के लिए आ गई एक्टिवा 'आई', खूबियां जीत लेंगी दिल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कंगना के घर में आई खुशियां, जल्द आएगा नन्हा मेहमान

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मोबाइल के टेक्स्ट मैसेज को दूसरे फोन में कैसे करें ट्रांसफर

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

'नो एंट्री' के सीक्वल में सलमान खान का डबल धमाका

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मेष राशि वालों को इस सप्ताह होगा अपनी गलतियों का अहसास, जानें अपना प्रेम राशिफल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद की मां का दर्द,‘प्रधानमंत्री से कुछ नहीं होता तो मैं ही कर दूंगी आतंकवादियों का खात्मा’

martyr ayush mother says about pm modi
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया ISI एजेंट, भारत में बसने की जताई इच्छा

Pakistani Man Baffling Claim as ISI agent At Delhi Airport
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

पार्टी की एकजुटता के लिए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें अखिलेश : शिवपाल यादव

Akhilesh resign for party unity: Shivpal Yadav
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top