आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

विनायक नर्सिंग होम से जरूरी रिकॉर्ड गायब

Moradabad

Updated Mon, 09 Jul 2012 12:00 PM IST

मुरादाबाद। एक सप्ताह पूर्व आवास विकास कॉलोनी में तंदूर की तरह धधक उठे विनायक ऑर्थोपेडिक सेंटर के जरूरी रिकॉर्ड गायब हो गए। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को नर्सिंग होम से अस्पताल के ट्रेंड, अनट्रेंड स्टॉफ, ड्यूटी चार्ट, डॉक्टरों की उपलब्धता के संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। मौके पर सिविल लाइन थाना पुलिस पहले से अस्पताल का ताला खोले बैठी थी।
लगता है 30 जून को नर्सिंग होम में हुई भीषण अग्निकांड में जांच की आग जानबूझकर ठंडी करने की कोशिश हो रही है। सात दिन तक नर्सिंग होम में ताला लटका रहा। जांच टीम शुरू से ही ताला पुलिस का होने की बात कह रही थी। लेकिन पुलिस यह मानने को तैयार नहीं थी। खुद एसओ ने ताला पुलिस का होने से इंकार किया था। लेकिन शनिवार को अचानक सिविल लाइन पुलिस का फोन आया और उन्होंने जांच के लिए स्वास्थ्य टीम को नर्सिंग होम पर बुला लिया। टीम के सदस्य डॉ. एलके गुप्ता, डॉ. वीर सिंह और डॉ. एसके शर्मा मौके पर पहुंचे तो नर्सिंग होम का ताला खुला था और पुलिसकर्मी बाहर बैठे थे। अंदर पहुंचने पर टीम के हाथ कोई दस्तावेज नहीं लगा।
हालांकि टीम ने नर्सिंग होम का कोना-कोना देखकर हादसे की भयावहता की कल्पना की। जांच टीम के सदस्य डॉ. वीर सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम आवासीय परिसर में ही संचालित हो रहा था। जनरल वार्ड इतना तंग था कि आठ मरीजों और उनके तीमारदारों के होने पर खाली जगह भी नहीं बची होगी। कुल 12 बेड थे, जिसमें से आठ जनरल वार्ड और बाकी प्राइवेट कमरों में पड़े थे। पूरा अस्पताल छान मारा, लेकिन स्टॉफ, ड्यूटी चार्ट, भर्ती मरीजों की संख्या, उपलब्ध डॉक्टर आदि के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। लिहाजा अब डॉ. अनुराग अग्रवाल के बयानों और मिले साक्ष्यों के आधार पर ही रिपोर्ट बनानी पड़ेगी।
--
तीन दिन में दे देंगे रिपोर्ट: डॉ. सिंह
नर्सिंग होम में सात दिन ताला बंद रहा, लेकिन अब तीन दिन में इसकी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिल जाएगी। टीम के सदस्य डॉ. वीर सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अग्निशमन इंतजामों के नाम पर एकमात्र फायर एस्टिंगशर मिला, वह भी खाली था। वार्ड, मानकों के अनुसार नहीं थे। कमरों में एसी लगे थे, लेकिन जनरल वार्ड में हवा की कोई व्यवस्था नहीं थी। रास्ता और सीढ़ियां इतनी संकरी थीं कि चलने-फिरने से लाचार किसी व्यक्ति को लेकर दूसरा आदमी नहीं चल सकता।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

nursing home records

स्पॉटलाइट

ऋतिक की पार्टी में पहुंची एक्स वाइफ सुजैन, 'काबिल' देखकर पति को भर लिया बाहों में

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

हर लड़के के लिए ये 6 काम है जरूरी, तभी खुश रहेगी गर्लफ्रेंड

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

काबिल ऋतिक की 8 नाकाबिल फिल्में, हो गई थी फ्लॉप

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अमिताभ नहीं अब ये हीरो करेगा 'केबीसी' को होस्ट

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

वीवो का V5 प्लस भारत में लॉन्च, फ्रंट में लगे हैं दो कैमरे

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top