आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

शिक्षा और शिक्षक हितों के लिए समर्पित

Meerut

Updated Sun, 23 Dec 2012 05:30 AM IST
मेरठ। उत्तर प्रदेश की शिक्षक राजनीति के लोह पुरूष ओमप्रकाश शर्मा के नाम पिछले 42 वर्षों से सात बार विधान परिषद सदस्य निर्वाचित होने का रिकार्ड है। मेरठ क्षेत्र से शिक्षक सीट पर आज तक कोई उन्हें हरा नहीं पाया है। शिक्षक हितों के साथ ही शिक्षा सुधार की लड़ाई लड़ने वाले ओमप्रकाश शर्मा प्रदेश के नहीं बल्कि विश्वविख्यात नेताओं में शुमार है।
जीवन के 79 बसंत पूरे कर चुके ओमप्रकाश शर्मा 1956 में जनता इंटर कालेज खरखौदा में अंग्रेजी प्रवक्ता के रूप में पेशे से जुड़े थे। उस समय शिक्षकों के वेतन भुगतान का अधिकार प्रबंध समिति के पास था। प्रबंध समिति अधिकार का दुरुपयोग कर शिक्षकों का उत्पीड़न करती थी। ओमप्रकाश शर्मा ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर प्रदेश स्तर पर माध्यमिक शिक्षक संघ गठित कर उनके हितों की आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी। ओमप्रकाश शर्मा इतने लोकप्रिय हुए कि 1970 के विधान परिषद चुनाव में वह पहली बार शिक्षक सीट से एमएलसी चुने गये, और तब से लेकर आज तक वह लगातार सात बार एमएलसी निर्वाचित हो चुके हैं।
जो ठान लिया, पूरा किया
ओमप्रकाश शर्मा ने जो ठान लिया, वह पूरा किया। वह चाहे प्रबंध समिति के हाथों से वेतन वितरण का काम हो या फिर पंचम वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू कराना हो। इन दोनों मामलों में बड़े आंदोलन हुए। वेतन वितरण अधिनियम बदलने की मांग पर 19 हजार शिक्षकों के साथ जेल गए और लाठियां खाईं। पंचम वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के लिए 35 दिन की ऐतिहासिक हड़ताल करके प्रदेश के स्कूल-कालेज बंद करा दिए। इस आंदोलन का असर यह हुआ कि तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार को जाना पड़ा और मांग पूरी हुई। देश में उत्तर प्रदेश ही अकेला सूबा है जहां के माध्यमिक शिक्षकों को छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट का लाभ मिल रहा है।
शिक्षा हित में उठाए कदम
शिक्षा हित में भी कदम उठाए। श्री शर्मा ने कई बार शिक्षकों की सेमिनार आयोजित कराकर पाठ्यक्रम पर चर्चा की। वहां से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर पाठ्यक्रम में बदलाव कराया।
अभी और भी है जरूरत
ओमप्रकाश शर्मा के अनुसार देश में एक समान शिक्षा लागू होनी चाहिए। मिड-डे मील योजना में बदलाव की जरूरत है। वहीं आज आईटी का जमाना है, ऐसे में शिक्षकों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित कराकर उन्हें नई शिक्षा के प्रति जागरूक करने और पाठ्यक्रम में भी उसी के अनुसार बदलाव की जरूरत है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

डिंपल यादव काे लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान

keshav prasad maurya attacks on dimple yadav
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top